चंबल में खून का बदला खून का मामला एक बार फिर देखने को मिला। मुरैना जिले के पोरसा थाना क्षेत्र के नेशनल हाईवे 552 स्थित पचपेड़ा के पास कार में सवार होकर आए पांच से छह लोगों ने महावीर शुक्ला की गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या के पीछे की वजह आपसी रंजिश है।
25 मई को सिहोनिया थाना क्षेत्र के भाई खां का पुरा में हुए सौरभ भदौरिया और महेंद्र भदौरिया दोनों (चाचा भतीजे) के डबल मर्डर का आरोप वीरू शुक्ला पर लगा था। इसी घटना का बदला लेने के लिए उक्त घटना के आरोपी वीरू शुक्ला के पिता महावीर शुक्ला की कुछ लोगों ने हत्या कर दी। दरअसल महावीर शुक्ला अपने छोटे भाई के साथ बेटे वीरू से जेल में मिलने गया था। उसके बाद महावीर शुक्ला अपनी बाइक से आगे निकल आया और उसका छोटा भाई पीछे आ रहा था। तभी कार में सवार होकर आए 5 से 6 आरोपियों ने नेशनल हाईवे क्रमांक 552 पर पचपेड़ा के पास पहले तो महावीर शुक्ला की बाइक को टक्कर मार कर उसे गिराया। उसके बाद आरोपियों ने महावीर शुक्ला के ऊपर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। हत्या के बाद आरोपी कार को लेकर के मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पोरसा थाना पुलिस ने मृतक के शव को पीएम के लिए भेज दिया।
ये भी पढ़ें- अचानक क्यों सिंधिया को होने लगी युवराज की शादी की फिक्र? जिला पंचायत सदस्य देने पहुंचे थे कार्ड
मृतक के भाई का कहना है कि मेरे बड़े भाई अपनी मोटरसाइकिल से आगे आ रहे थे और मैं पीछे आ रहा था। तभी उन्हें आगे पीछे से बाइक और कार से घेर लिया उसके बाद ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग करने वालों में पिंटू रॉकी, आशीष, रोहित विश्वनाथ, गजेन्द्र, राजेश थे। जिन्होंने फायरिंग की थी। हम लोगों पहले भी पुलिस को आवेदन देने गए थे, लेकिन थाना प्रभारी ने आवेदन नहीं लिया और उल्टा हमें भगा दिया। उन्होंने कहा कि आप तो आरोपी हो….। ऐसे में अब पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर मृतक का परिवार पूर्व से जिन लोगों से खतरा बता रहा था, उनके खिलाफ अगर पुलिस समय रहते कार्रवाई करती तो शायद महावीर शुक्ला की हत्या नहीं होती।
उधर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र पाल सिंह डावर का कहना है कि पोरसा थाना अंतर्गत एक महावीर शुक्ला नाम के व्यक्ति की अज्ञात आरोपियों द्वारा हत्या की गई है। हम लोग इस पर बहुत जल्दी वर्कआउट करके निष्कर्ष पर पहुंचेंगे और आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
