जिले में रेत माफिया द्वारा वन आरक्षक की मौत के बाद पुलिस और प्रशासन हरकत में आ गया है। देवगढ़ थाना पुलिस, वन विभाग और माइनिंग विभाग की संयुक्त टीम ने बरहाना, नंदपुर, खुलावली और नहर किनारे छापेमारी कर अवैध रूप से डंप की गई चंबल रेत को चिन्हित किया। इसके बाद करीब 200 ट्रॉली अवैध रेत को बुलडोजर चलाकर मिट्टी में मिलाकर नष्ट कर दिया गया।

कार्रवाई के दौरान पुलिस के 100 से अधिक जवान तैनात रहे। कलेक्टर लोकेश जांगिड़ के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई में पुलिस अधीक्षक सौरभ समीर सहित प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। टीम ने चंबल नदी किनारे माफियाओं द्वारा बनाए गए अस्थायी टापुओं को भी मिट्टी में मिला दिया।

अधिकारियों के अनुसार नष्ट की गई रेत की कीमत करीब 4 लाख रुपए आंकी गई है। एसडीओपी नितिन बघेल ने बताया कि यह कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर की गई है और आगे भी अवैध खनन के खिलाफ सख्त अभियान जारी रहेगा।

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वहीं अंबाह क्षेत्र के चंबल नदी से सटे होलापुरा और रतनवसई घाट पर अवैध खनन के रास्तों को जेसीबी की मदद से खोदकर बंद किया गया। सड़क किनारे डंप की गई रेत को भी जेसीबी से मिट्टी में मिलाया गया।

गौरतलब है कि हाल ही में रानपुर चौराहे पर अवैध रेत से भरे ट्रैक्टर को रोकने के दौरान वन आरक्षक हरकेश गुर्जर को कुचल दिया गया था, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के बाद ट्रैक्टर चालक वाहन सहित फरार हो गया था। घटना के बाद प्रशासन ने अवैध रेत माफिया के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए लगातार कार्रवाई शुरू कर दी है।



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