मध्य प्रदेश में मोनालिसा और फरमान के विवाह को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। भोपाल पहुंचे हिंदूवादी नेता प्रवीण तोगड़िया के बयान के बाद मामला और तूल पकड़ गया है। मीडिया से बातचीत में प्रवीण तोगड़िया ने मोनालिसा को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा कि पहले वह रुद्राक्ष की माला बेचती थी और अब कलमा पढ़ रही है। उन्होंने “घर वापसी” से जुड़े सवाल पर भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि ऐसे मामलों को रोका जाए, तो वापसी की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। उन्होंने कहा कि पूरे देश में लव जिहाद चल रहा हैं। लव जिहाद को रोकने के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश है कि किसी भी बहन-बेटी को लव जिहाद का शिकार ना होने दें।
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केरल में हुआ विवाह, राजनीतिक मुद्दा बना
बता दें खरगोन जिले के महेश्वर क्षेत्र की रहने वाली मोनालिसा ने केरल में फरमान से विवाह किया है। इस घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने इस मामले को महज व्यक्तिगत निर्णय मानने से इनकार किया है। पार्टी का कहना है कि यदि किसी प्रकार के दबाव या धोखे से धर्म परिवर्तन हुआ है, तो कानून के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए। फिलहाल, यह मामला सामाजिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसमें समर्थन और विरोध दोनों तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
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गौ हत्या नहीं होना चाहिए, सरकार काम करें
वहीं, तोगड़ियां ने गौ हत्या पर भी बयान देते हुए कहा कि एक भी गौ हत्या नहीं होना चाहिए। सरकार को इस पर काम करना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार को धर्मांतरण रोकने पर भी काम करना चाहिए। हिंदू समाज से जुड़े मुद्दों पर प्रवीण तोगड़िया ने बयान देते हुए कहा कि हिंदुओं की एकता सरकारों पर निर्भर नहीं है। उनका कहना था कि किसी भी शासन व्यवस्था के आधार पर हिंदू समाज एकजुट नहीं होता, बल्कि इसकी जड़ें पूर्वजों की परंपरा और सांस्कृतिक विरासत में हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इतिहास गवाह है कि अलग-अलग परिस्थितियों में भी हिंदू समाज अपनी पहचान और एकता बनाए रखता आया है। उनके अनुसार, यह एकता स्वाभाविक है और आगे भी बनी रहेगी, जबकि सरकारें अपनी नीतियों के अनुसार काम करती रहेंगी।
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