चिमनगंज थाना क्षेत्र में लव जिहाद से जुड़े एक गंभीर मामले में अब ग्रूमिंग पैटर्न का नया रूप सामने आया है। चिमनगंज थाने में दर्ज प्रकरण में एक नाबालिग लड़की को पहले प्रेमजाल में फंसाया गया और बाद में उसे दूसरे युवक को सौंप दिया गया। पुलिस ने किशोरी को इंदौर से बुर्के में छिपी अवस्था में बरामद किया है। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

पूरा मामला आगर नाका क्षेत्र की एक कॉलोनी से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, 2 फरवरी को 15 वर्षीय किशोरी को 19 वर्षीय युवक ईमानुल अपने साथ इंदौर ले गया था। जांच में सामने आया कि किशोरी को भगाने में उसकी दो सहेलियों और आरोपी के परिवार के सदस्यों ने भी सहयोग किया था। तलाश के दौरान पुलिस ने किशोरी को इंदौर के एक मकान में बुर्का पहनाकर छिपाए जाने की पुष्टि की।

ईमानुल को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो मामला और गंभीर हो गया। पूछताछ में पता चला कि करीब छह माह पहले अहमदनगर के एक नाबालिग आरोपी ने किशोरी को प्रेमजाल में फंसाया था। उसने किशोरी का शोषण किया और बाद में ब्रेकअप होने पर अपने दोस्त मोईन को उसके पीछे लगा दिया। मोईन ही किशोरी को इंदौर ले गया और मुस्लिम बहुल इलाके में अपने रिश्तेदार के घर बुर्का पहनाकर छिपाया। इस मामले में चिमनगंज थाना प्रभारी गजेंद्र पचौरिया ने बताया कि नाबालिग के न्यायालय में बयान कराए जा रहे हैं, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। आरोपी के सहयोगियों और दोस्तों से भी पूछताछ जारी है।

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यह है पूरा मामला

आगर नाका के समीप रहने वाली 15 वर्षीय नाबालिग को ईमानुल बेगमबाग क्षेत्र से बहला-फुसलाकर बुर्का पहनाकर इंदौर ले गया। जब परिजनों को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने चिमनगंज मंडी थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने इंदौर पहुंचकर आरोपी को गिरफ्तार किया और नाबालिग को उसके चंगुल से मुक्त कराया।

नाबालिग ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि ईमानुल ने प्रेमजाल में फंसाकर उसे गुमराह किया और अगवा कर इंदौर ले गया। वहां उसे अपने दोस्त सुफियान, निवासी आजाद नगर, के यहां रखा गया, जहां उसके साथ जबरदस्ती की गई। पुलिस ने आरोपी ईमानुल और उसके दोस्त सुफियान के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है।

पिता का हो चुका है निधन

नाबालिग के पिता का एक वर्ष पूर्व निधन हो चुका है। उसकी मां एक कारखाने में काम कर अपनी तीन बेटियों का पालन-पोषण कर रही है।

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हिंदूवादी संगठनों ने की कड़ी कार्रवाई की मांग

घटना की जानकारी मिलते ही हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में थाने पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि यह ग्रूमिंग गैंग पैटर्न का मामला है, जिसमें गरीब और असहाय नाबालिग लड़कियों को निशाना बनाया जाता है। देश के कई शहरों में इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं।

ग्रूमिंग नेटवर्क क्या होता है?

ग्रूमिंग नेटवर्क वह प्रक्रिया है, जिसमें नाबालिग को धीरे-धीरे मानसिक और भावनात्मक रूप से प्रभावित किया जाता है। इसमें पहले भरोसा जीता जाता है, फिर परिवार और समाज से दूरी बनवाई जाती है। इसके बाद नाबालिग पर नियंत्रण स्थापित कर शोषण की स्थिति पैदा की जाती है।



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