ग्वालियर में गर्मी शुरू होने से पहले ही आग लगने की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। ताजा मामला शहर के खुर्जे वाले मोहल्ले स्थित राजश्री अपार्टमेंट का है, जहां आग लगने से बड़ा हादसा होते-होते टल गया।

बताया जा रहा है कि जिस अपार्टमेंट में आग लगी, उसमें करीब 25 परिवार रहते हैं और नीचे के हिस्से में केमिकल व सैनिटाइज़र का गोदाम बना हुआ था। आग इसी गोदाम में लगी, जिससे पूरे अपार्टमेंट में तेजी से धुआं फैल गया। हालांकि आग की लपटें बाहर तक नहीं पहुंचीं, लेकिन धुएं के कारण दम घुटने की स्थिति बन गई।

घटना के समय अधिकांश बच्चे घरों में पढ़ाई कर रहे थे। लोगों ने पहले सीढ़ियों से बाहर निकलने की कोशिश की, लेकिन ज्यादा धुआं होने के कारण उन्हें सांस लेने में दिक्कत होने लगी। इसके बाद सभी लोग छत पर पहुंचे और रस्सियों की मदद से पड़ोसी मकानों की छतों पर कूदकर अपनी जान बचाई।

तंग गलियों के कारण फायर ब्रिगेड को मौके तक पहुंचने में दिक्कत हुई, लेकिन प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए ग्वालियर नगर निगम के साथ-साथ बीएसएफ और एयरफोर्स की फायर ब्रिगेड को भी मौके पर बुलाया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी समय रहते पहुंच गए, जिससे स्थिति पर काबू पाया जा सका।

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कलेक्टर ने लगातार हो रही आग की घटनाओं को देखते हुए व्यापारियों और कारोबारियों के साथ संवाद बैठक बुलाने का निर्णय लिया है, जिसमें उन्हें सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण दिया जाएगा।

गौरतलब है कि ग्वालियर में पहले भी आग की कई बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं। मोची ओली और इंदरगंज जैसे इलाकों में आग लगने से लोगों की जान जा चुकी है। मई 2020 में इंदरगंज में केमिकल गोदाम में लगी आग में एक ही परिवार के सात लोगों की मौत हो गई थी।

फिलहाल इस घटना में किसी की जान नहीं गई, लेकिन लोगों का सामान जलकर खाक हो गया। सवाल यह है कि रिहायशी इलाकों में बने केमिकल गोदामों पर अब तक सख्ती क्यों नहीं की गई है।



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