एयरफोर्स के रिटायर्ड रेडियोलॉजिस्ट से CBI अधिकारी बनकर 2.52 करोड़ रुपए की ठगी के मामले में ग्वालियर क्राइम ब्रांच को बड़ी सफलता मिली है। क्राइम ब्रांच ने दिल्ली से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें दो म्यूल अकाउंट खुलवाने वाले एजेंट हैं, जबकि दो ऐसे आरोपी हैं, जिनके नाम पर फर्जी फर्म जिंग्गा क्रंच एंड स्नैक्स रजिस्टर्ड कराकर एक करंट अकाउंट खोला गया था।

इस खाते में 30 लाख रुपए से ज्यादा का ट्रांजेक्शन हुआ था। बता दें कि एयरफोर्स के रिटायर्ड रेडियोलॉजिस्ट को 27 दिन तक ऑनलाइन अरेस्ट रखकर वीडियो कॉल पर निर्देश दिए जाते रहे और उनसे 2.52 करोड़ रुपए ठग लिए गए। ठगी की यह रकम पहले पांच बैंक खातों में ट्रांसफर की गई थी। इन खातों से देश के 15 राज्यों के 300 से ज्यादा बैंक खातों में पैसा ट्रांसफर किया गया। फिलहाल पकड़े गए आरोपियों को पुलिस ग्वालियर लेकर आ गई है और उनसे पूछताछ की जा रही है।

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ग्वालियर क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया कि ठगी की पूरी रकम दिल्ली, नोएडा, वाराणसी और गुंटूर के पांच अलग-अलग खातों में ट्रांसफर की गई थी। खातों की पड़ताल के दौरान दिल्ली स्थित एक फर्म “जिंग्गा क्रंच एंड स्नैक्स” के करंट अकाउंट में बड़ी राशि जमा होने की जानकारी मिली। इसके बाद क्राइम ब्रांच की टीम शनिवार को दिल्ली पहुंची। लोकेशन ट्रेस करने पर मोहित मिश्रा और शाहिल खान अपनी-अपनी दुकानों पर मिले, जिन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। दोनों ने बताया कि फर्म राहुल प्रजापति और हरीश यादव के कहने पर खोली गई थी। बैंक वेरिफिकेशन के करीब एक महीने बाद इसे बंद कर दिया गया था। खाते में आए पैसे के बदले उन्हें 2.5 लाख रुपए कमीशन मिला था।

जानकारी के आधार पर पुलिस ने म्यूल अकाउंट खुलवाने वाले एजेंट राहुल प्रजापति और हरीश यादव को भी दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है। एयरफोर्स से रिटायर्ड डॉक्टर से ठगी गई रकम सबसे पहले दिल्ली, नोएडा, गुंटूर (आंध्र प्रदेश) और वाराणसी के पांच बैंक खातों में ट्रांसफर की गई थी। आंध्र प्रदेश के दो खातों में 1.5 करोड़ रुपए, जबकि दिल्ली-यूपी के तीन खातों में करीब 1 करोड़ रुपए पहुंचे थे। पहली लेयर के बाद यह रकम देश के 15 राज्यों के 300 से ज्यादा बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी गई। इनमें दिल्ली, यूपी, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड, बिहार, असम और कर्नाटक सहित अन्य राज्य शामिल हैं। क्राइम ब्रांच ने बताया कि डिजिटल अरेस्ट के मामले में चार आरोपियों को पकड़ा गया है। इनमें से दो म्यूल अकाउंट बनाने वाले एजेंट हैं, जबकि दो एक फर्जी फर्म के मालिक हैं। चारों से पूछताछ की जा रही है।

 



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