मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर की सप्लाई प्रभावित होने से शहर में गैस संकट गहरा गया है। इसका असर छोटे कारोबारियों से लेकर आम लोगों तक पहुंच गया है। फास्ट फूड दुकानों, छोटे होटलों और टिफिन सेंटरों ने खाने के दाम बढ़ा दिए हैं, जिससे लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। गैस की कमी के बीच कालाबाजारी और अवैध भंडारण की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। शहर के अलग-अलग हिस्सों में छापेमारी कर सिलेंडर जब्त किए गए हैं और एजेंसियों के स्टॉक की जांच की जा रही है।
प्रशासन के आदेश भी बेअसर
गैस संकट के बीच जिला प्रशासन ने राहत देने के लिए रविवार को भी शहर की गैस एजेंसियों को खुला रखने के निर्देश दिए थे। लेकिन कई इलाकों में एजेंसियां बंद रहीं। सिलिंडर लेने पहुंचे लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा, जिससे उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ गई। शहर में पहले से ही गैस सिलिंडर को लेकर मारामारी की स्थिति बनी हुई है। कई लोगों को सिलेंडर मिलने में कई-कई दिन लग रहे हैं और एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें लग रही हैं।
कालाबाजारी की आशंका, प्रशासन की कार्रवाई
फास्ट फूड आइटम महंगे
स्थानीय फास्ट फूड कारोबारी बाबू भाई के मुताबिक गैस की सप्लाई लगभग बंद हो गई है और दुकानों में केवल एक-दो दिन का स्टॉक ही बचा है। मजबूरी में कारोबारियों को कई फास्ट फूड आइटम के दाम करीब 10 रुपये तक बढ़ाने पड़े हैं।भोपाल समेत प्रदेश के कई हिस्सों में इन दिनों कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर की आपूर्ति बाधित बताई जा रही है। छोटे होटल, ढाबे और फास्ट फूड कारोबारियों का कहना है कि उनके पास गैस का सीमित स्टॉक बचा है और यदि जल्द सप्लाई नहीं हुई तो कारोबार चलाना मुश्किल हो जाएगा।
टिफिन सेंटरों ने भी बढ़ाए रेट
गैस की कमी का असर टिफिन सेंटरों पर भी पड़ा है। शहर के कई टिफिन संचालकों ने खाने के रेट में 20 रुपये तक बढ़ोतरी कर दी है। दाल-सब्जी और अन्य घरेलू भोजन के दाम बढ़ने से रोजाना टिफिन लेने वाले लोगों की लागत बढ़ गई है।
आम लोगों पर बढ़ा महंगाई का बोझ
छोटे होटल, ढाबों और फास्ट फूड की दुकानों पर खाने की कीमतें बढ़ने से आम उपभोक्ताओं को महंगाई का सामना करना पड़ रहा है। रोजमर्रा का खाना भी अब पहले से महंगा पड़ने लगा है।
व्यापारियों ने मांगा समाधान
छोटे व्यापारियों का कहना है कि यदि जल्द ही कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई सामान्य नहीं हुई तो होटल और फूड कारोबारियों के लिए स्थिति और मुश्किल हो सकती है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से जल्द आपूर्ति बहाल करने की मांग की है।
