राजधानी में एलपीजी सिलेंडर की कमी को लेकर सियासत गरमा गई है। गैस संकट के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सोमवार को अनोखा प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के पीछे सिंधु भवन के पास नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नाले में उतरकर प्रतीकात्मक रूप से गैस निकालने की कोशिश की और सरकार पर निशाना साधा। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता नाले में उतर गए और पाइप लगाकर गैस निकालने का प्रतीकात्मक प्रयोग किया। कांग्रेस नेता अभिनव बारोलिया ने एक तगाड़ी को उल्टा रखकर उसमें पाइप फिट किया और उसे गैस चूल्हे से जोड़ने का प्रयास किया, लेकिन कई कोशिशों के बाद भी गैस नहीं निकल सकी। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने लकड़ी के चूल्हे पर चाय बनाकर विरोध दर्ज कराया।
गैस संकट से होटल-रेस्टोरेंट भी प्रभावित
र्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि यह प्रदर्शन दरअसल प्रधानमंत्री के एक पुराने बयान के संदर्भ में किया गया प्रतीकात्मक प्रयोग है। उन्होंने बताया कि नाले के ऊपर तगाड़ी रखकर पाइप के जरिए चूल्हा जलाने की कोशिश की गई, लेकिन यह संभव नहीं हो सका, इसलिए अंत में लकड़ी जलाकर चाय बनानी पड़ी। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि शहर में एलपीजी सिलेंडर की कमी के कारण आम लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। होटल और रेस्टोरेंट कारोबार भी प्रभावित हो रहे हैं, जबकि घरों में रसोई चलाना भी मुश्किल हो गया है।
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नाले के किनारे लगा प्रतीकात्मक चाय ठेला
कांग्रेस पार्षद योगेंद्र सिंह चौहान (गुड्डू) ने नाले के पास एक प्रतीकात्मक चाय का ठेला भी लगाया। ठेले पर गैस सिलेंडर से जुड़े पोस्टर लगाए गए थे और लकड़ी के चूल्हे पर चाय बनाई गई। पीछे लगे बैनर में लिखा था कि रसोई गैस के पीछे भागने के बजाय नाले की गैस का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।
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एजेंसियों पर भी उठे सवाल
कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता अभिनव बारोलिया ने कहा कि पहले जनता कोरोना और नोटबंदी के दौरान लाइनों में लगी रही और अब गैस सिलेंडर के लिए कतारों में खड़ी हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कलेक्टर के निर्देश के बावजूद कई गैस एजेंसियां रविवार को बंद रहीं, जिससे उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ गई।
