ऐसे में यदि घर में एलपीजी का उपयोग करने में सावधानी बरतें और कुछ आदतों में बदलाव करें, तो निश्चित तौर पर एक सिलेंडर एलपीजी को ज्यादा दिन तक चला सकते हैं।
इस दौरान खाली हुए सिलेंडर को बुक कराकर ले भी सकते हैं। एलपीजी कारोबार से जुड़े लोगों ने कुछ आसान तरीके बताए हैं जिनसे घरों में एलपीजी की खपत में 20 से 30 प्रतिशत तक कमी लाई जा सकती है।
इस तरह से पकाएं खाना तो बचेगी गैस
बर्तन को ढंककर पकाएं – हमेशा भोजन को ढक्कन लगाकर पकाएं। इससे भाप बाहर नहीं निकलती और खाना जल्दी पकता है। इससे लगभग 15 प्रतिशत गैस बचती है।
प्रेशर कुकर का प्रयोग – खुली कड़ाही के बजाय प्रेशर कुकर का उपयोग करें। यह दाल और चावल जैसी चीजों को बहुत कम समय और कम गैस में पका देता है।
सामग्री तैयार रखें – गैस जलाने से पहले सब्जियां काटना, मसाले निकालना और पानी तैयार रखना सुनिश्चित करें। जलते हुए बर्नर पर तैयारी करना गैस की सबसे बड़ी बर्बादी है।
नीली लौ – यदि आपके चूल्हे की लौ पीली या संतरी दिख रही है, तो इसका मतलब है कि बर्नर में कार्बन जमा है और गैस की बर्बादी हो रही है। बर्नर को नियमित रूप से साफ करें ताकि नीली लौ मिले।
बर्तनों के चयन और तापमान का रखें ध्यान
बर्तन का आकार – हमेशा बर्नर के आकार के अनुसार बर्तन चुनें। छोटे बर्तन को बड़े बर्नर पर रखने से आग किनारे से बाहर निकलती है और ऊर्जा बर्बाद होती है।
बर्तन को पोंछकर रखें – गैस पर बर्तन रखने से पहले उसे सूखे कपड़े से पोंछ लें। गीले बर्तन को सुखाने में भी गैस खर्च होती है।
दालों को भिगोकर रखें – दाल, चने या राजमा बनाने से पहले उन्हें कम से कम 1-2 घंटे भिगो दें। इससे वे जल्दी गलते हैं और गैस की भारी बचत होती है।
ठंडी चीजों को सीधे न पकाएं – फ्रिज से निकाले गए दूध या सब्जियों को सीधे गैस पर न चढ़ाएं। पहले उन्हें सामान्य तापमान पर आने दें।
पानी का सही माप – खाना पकाते समय जरूरत से ज्यादा पानी न डालें। अतिरिक्त पानी को सुखाने में ज्यादा समय और गैस लगती है।
उपकरणों की जांच और सुरक्षा
लीकेज की जांच – नियमित अंतराल पर पाइप और रेगुलेटर की जांच करें। हल्का सा लीकेज भी न केवल खतरनाक है, बल्कि गैस की बर्बादी का कारण भी है।
रेगुलेटर तुरंत करें बंद – खाना पक जाने के तुरंत बाद रेगुलेटर को बंद करने की आदत डालें। इससे पाइप में बची हुई गैस सुरक्षित रहती है।
