डबरा के ग्राम बेलगढ़ा में जमीन विवाद को लेकर हुए हमले में गंभीर रूप से घायल हुए वकील चंद्रभान मीणा की रविवार को ग्वालियर में इलाज के दौरान मौत हो गई। उनकी मौत की सूचना मिलते ही परिजन और अभिभाषक संघ आक्रोशित हो उठे। उन्होंने पहले सिटी थाने और परशुराम चौक पर धरना दिया, इसके बाद शव को लेकर सिमरिया टेकरी पहुंचे और डबरा–ग्वालियर हाईवे जाम कर दिया। करीब दो घंटे तक हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। परिजन और अभिभाषक दोषियों पर हत्या का मामला दर्ज करने और लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार ग्राम बेलगढ़ा में चंद्रभान मीणा की जमीन के सीमांकन को लेकर विवाद चल रहा था। प्रशासन ने हाल ही में सीमांकन कराया था। इसके बाद जब चंद्रभान अपने गांव पहुंचे तो बहादुर रावत, मुकेश, भूपेंद्र, लक्ष्मण, लल्ला और बल्ली रावत सहित अन्य लोगों ने उन पर और उनके पिता पर घातक हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल चंद्रभान को ग्वालियर रेफर किया गया था, जहां उन्होंने आज दम तोड़ दिया।
अभिभाषक संघ ने पुलिस पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। संघ का कहना है कि हमले के तुरंत बाद उन्होंने एसपी ग्वालियर को ज्ञापन देकर आरोपियों पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज करने की मांग की थी, लेकिन पुलिस ने केवल मारपीट की धाराओं में अपराध दर्ज किया। संघ सिटी टीआई धर्मेंद्र यादव, एसआई आर्यन शर्मा, प्रधान आरक्षक शैलेंद्र दीक्षित और सुभाष गुर्जर पर कार्रवाई की मांग कर रहा है।
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रविवार को चंद्रभान की मौत की खबर मिलते ही परिजन और बड़ी संख्या में अभिभाषक सिटी थाने के बाहर एकत्रित हुए। जब मांगें पूरी नहीं हुईं तो उन्होंने शव लेकर सिमरिया टेकरी के पास डबरा–ग्वालियर हाईवे जाम कर दिया। प्रदर्शन के चलते हाईवे पर कई किलोमीटर तक वाहनों की लंबी लाइनें लग गईं और स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
अभिभाषक संघ के सचिव धर्मेंद्र यादव और उषा तिवारी का कहना है कि दोषियों पर हत्या का प्रकरण दर्ज किया जाए और लापरवाही करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक षडयंत्र का केस बनाया जाए। साथ ही ऐसे अधिकारियों को डबरा से हटाने की मांग भी की जा रही है।
तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए ग्वालियर से एडिशनल एसपी देहात जयराज कुबेर, डबरा और भितरवार के एसडीओपी, आसपास के थानों के प्रभारी सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल हाईवे पर तैनात किया गया है। अधिकारी परिजनों को आश्वासन दे रहे हैं कि आरोपियों पर हत्या का मामला दर्ज किया जाएगा, जबकि अभिभाषक पुलिस अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं। स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है और दोनों पक्षों के बीच बातचीत का दौर जारी है।
