इंदौर के भागीरथपुरा में बिछाई गई नर्मदा लाइन बुधवार को टेस्टिंग के दौरान ही फूट गई। इस लाइन को तीन दिन पहले डाला गया था। जिस हिस्से में पाइप लीकेज हुआ है, वहां फिर खुदाई कर लाइन दुरुस्त की गई है। अब गुरुवार को फिर टंकी से पानी छोड़कर लाइन की जांच की जाएगी। वैसे तो यह लाइन कई दिनों से मंजूर थी, लेकिन फाइल आगे नहीं बढ़ पाई थी और बस्ती में दूषित पेयजल के कारण 18 लोगों की मौत हो गई और डेढ़ हजार से ज्यादा लोग बीमार हो चुके हैं।

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मौतों का मुद्दा गरमाने के बाद अफसरों ने ताबड़तोड़ लाइन डाली, हालांकि आठ दिन पहले उद्यान में बने शौचालय को तोड़कर यह दावा किया गया था कि लाइन में ड्रेनेज का पानी वहीं से मिक्स हो रहा था, लेकिन जब बाद में भी गंदे पानी की समस्या बरकरार रही तो फिर अफसरों ने नई लाइन बिछाने का ही फैसला ले लिया था।

 

बस्ती में जाने वाले मार्ग पर रविवार को खुदाई कर पुरानी लाइन निकाली गई थी और सोमवार को वहां नए पाइप बिछाए गए। उन्हें जोड़ा गया और मंगलवार को गिट्टी डालकर लाइन के ऊपर रोलर चलाकर सड़क को समतल कर दिया था। इस वितरण लाइन को भागीरथपुरा टंकी से जोड़ा गया।

दोपहर में बस्ती में अफसर पहुंचे और टंकी से सप्लाई शुरू हुई। कुछ देर बाद गली में पानी का फव्वारा नजर आने लगा। दरअसल जल्दबाजी में डाले गए पाइप ठीक से सेट नहीं हुए थे और एक हिस्से में लाइन फूट गई। ताबड़तोड़ सप्लाई बंद की गई और जिस जगह से लाइन में लीकेज था, वहां खुदाई कर लाइन को ठीक किया गया। पुरानी लाइन जर्जर होने के कारण कमजोर हो चुकी थी, इस कारण तीन दिन में नई लाइन बिछाई गई।



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