इंदौर में रविवार को रंगपंचमी पर निकली रंगारंग गेर ने फिर अपनेपन और खुशियों के रंग में शहरवासियों को भिगो दिया। इस बार गेर जल्दी निकली और तीन घंटे में समाप्त भी हो गई। पिछले साल की तुलना में इस बार भीड़ कम रही, लेकिन उत्साह में कोई कमी नहीं थी।
लोग परिवारों के साथ गेर का लुत्फ लेने आए थे। पहले लोग परिवार की महिलाओं व बच्चों को गेर में लाने से बचते थे, लेकिन बीते दो-तीन वर्षों से अब महिलाओं व बच्चों की संख्या भी गेर में बढ़ने लगी है। शहर के अलग-अलग इलाकों से लोग गेर देखने आए। गेर खत्म होने के बाद सड़कों की नगर निगम ने सफाई भी की।
सुबह से जुटने लगी थी भीड़
सुबह दस बजे से राजवाड़ा पर भीड़ जुटना शुरू हो गई थी। इंदौर का 76वां गेर महोत्सव सुबह 10:30 बजे शुरू हुआ और यह दोपहर करीब दो बजे खत्म हो गया। राजवाड़ा पर अंतिम गेर संगम कॉर्नर की थी। इसके गुजरने के बाद लोगों की भीड़ छंटने लगी। हालांकि, सराफा होकर अपने तय ठिकानों तक लौट रही गेरों को देखने के लिए भी लोग बड़ी संख्या में डटे हुए थे।
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12 बजे तक खचाखच भरा था राजवाड़ा इलाका
सुबह 11 बजे टोरी कॉर्नर की पहली गेर राजवाड़ा पहुंची और लोगों पर रंगों की बरसात शुरू कर दी। देखते ही देखते भीड़ बढ़ने लगी और राजवाड़ा पर तिल रखने की जगह भी नहीं बची। हर तरफ रंगे-पुते चेहरे नजर आ रहे थे। गेर देखने वालों की भीड़ शुरुआत में कम थी, लेकिन दोपहर 12 बजे के बाद भीड़ अचानक बढ़ गई। इसे देखते हुए पुलिस प्रशासन ने राजवाड़ा की ओर जाने वाले रास्ते पर एमजी रोड पर लगाए गए बैरिकेड हटा दिए।
मुस्तैद रही पुलिस
गेर को देखते हुए राजवाड़ा और आसपास के इलाकों में वाहन प्रतिबंधित कर दिए गए थे। कृष्णपुरा ब्रिज पर बैरिकेड लगा दिए गए। वाहन चालक संजय सेतु से जवाहर मार्ग होते हुए पश्चिमी क्षेत्र की तरफ जा रहे थे। राजवाड़ा से जुड़ी गलियों में भी बैरिकेड लगाए गए थे, ताकि गेर मार्ग पर कोई वाहन न आ सके। रहवासियों को वाहन दूसरी जगह पार्क करने को कहा गया था। गेर मार्ग से लेकर आसपास की इमारतों तक पुलिस जवान तैनात रहे। 500 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की ड्यूटी पूरे मार्ग पर लगाई गई थी। इसके अलावा दस से ज्यादा ड्रोन से ऊपर से निगरानी रखी गई। 200 से अधिक कैमरे भी लगाए गए थे, जिनसे पूरे मार्ग पर नजर रखी गई। कई जगह वॉच टावर बनाए गए थे।
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नहीं मिली हेलीकाॅप्टर उड़ाने की अनुमति
इस बार गेर में हेलीकॉप्टर से फूल और गुलाल बरसाने की योजना भी बनी थी। पूर्व विधायक सत्यनारायण पटेल ने इसके लिए हेलीकॉप्टर की व्यवस्था करवाई थी। उन्होंने गेर में शामिल लोगों पर ऊपर से फूल और गुलाल बरसाने की योजना बनाई थी, लेकिन उन्हें इसकी अनुमति नहीं मिली। पटेल ने कहा कि हमने पूरी तैयारी कर ली थी।
जेल की हवा खाई
गेर में जूते-चप्पल और थैलियां फेंकने वालों से पुलिस सख्ती से पेश आई। इसके लिए सादी वर्दी में भी पुलिसकर्मी भीड़ में मौजूद रहे। वे असामाजिक तत्वों पर नजर रखे रहे। पत्थर फेंकने या चप्पल-जूते फेंकने जैसी हरकत करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी। पकड़े जाने पर ऐसे लोगों को तुरंत हिरासत में लिया गया। राजवाड़ा पुलिस चौकी परिसर में बनाई गई अस्थाई जेल में दस से ज्यादा उत्पातियों को रखा गया।
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इस बार सुरक्षा व्यवस्था बेहतर रही
इस बार पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था बेहतर रही। महिला पुलिसकर्मियों की ड्यूटी भी लगाई गई थी। एमजी रोड को बैरिकेड लगाकर दो भागों में बांटा गया था, ताकि आने और जाने वालों की भीड़ अलग-अलग हो सके और धक्का-मुक्की न हो। गेर में जूते-चप्पल और बोरियां फेंकने वालों से भी सख्ती से निपटा गया। एक गेर में टैंकर पर सवार युवक ने लोगों पर प्लास्टिक की बोतल फेंकी तो पुलिस जवान उसे टैंकर पर चढ़कर पकड़ कर लाए। गेर समाप्त होने के बाद कई बार हुड़दंगी युवतियों पर कलर फेंकते हैं, लेकिन इस बार पुलिस जवान भी लौट रही भीड़ के साथ चले और हुड़दंगियों को हिदायत दी।
