इंदौर के प्रतिष्ठित सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है। वेतन न मिलने से नाराज बड़ी संख्या में आउटसोर्स और संविदा कर्मचारियों ने अचानक हड़ताल का रास्ता चुन लिया है। इस विरोध प्रदर्शन के कारण अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह चरमरा गई हैं।

 

हड़ताल का मुख्य कारण

कर्मचारियों का आरोप है कि पिछले काफी समय से उन्हें वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। बार-बार गुहार लगाने और आश्वासन मिलने के बावजूद उनके बैंक खातों में सैलरी नहीं आई। आर्थिक तंगी से जूझ रहे कर्मचारियों का कहना है कि अब उनके पास काम बंद करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था।

 

अस्पताल की सेवाएं प्रभावित

सफाईकर्मियों, वार्ड बॉय और अन्य सहायक कर्मचारियों के काम न करने से अस्पताल की सफाई व्यवस्था और मरीजों की देखभाल पर गहरा असर पड़ा है। अस्पताल परिसर में गंदगी का अंबार लगने लगा है और मरीजों को बुनियादी सहायता के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है।

 

प्रबंधन का पक्ष और आश्वासन

मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी कर्मचारियों से चर्चा की है। प्रबंधन का तर्क है कि तकनीकी गड़बड़ियों या बजट की उपलब्धता में देरी के कारण वेतन रुका है। उन्होंने जल्द ही भुगतान प्रक्रिया पूरी करने का भरोसा दिलाया है।

 

मरीजों की बढ़ती मुसीबतें

इस अचानक हुई हड़ताल ने दूर-दराज से इलाज के लिए आए मरीजों और उनके परिजनों को संकट में डाल दिया है। अस्पताल में कई महत्वपूर्ण जांचें और रूटीन चिकित्सा कार्य समय पर नहीं हो पा रहे हैं, जिससे मरीजों की जान पर जोखिम बढ़ गया है।



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