मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में साइबर अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। ताजा मामला एमआईजी थाना क्षेत्र का है, जहां एक सक्रिय एडवोकेट को अपनी जालसाजी का शिकार बनाने की कोशिश की गई है। अज्ञात बदमाशों ने व्हाट्स-ऐप वीडियो कॉल के माध्यम से एडवोकेट को जाल में फंसाने और फिर अश्लील सामग्री के जरिए ब्लैकमेल करने का प्रयास किया।
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वीडियो कॉल के जरिए बिछाया जाल
पीड़ित एडवोकेट राहुल ने पुलिस को बताया कि शुक्रवार के दिन उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से व्हाट्सऐप वीडियो कॉल प्राप्त हुआ। कॉल उठाने पर दूसरी तरफ से एक युवती की आवाज आई, जिसने खुद को किसी कानूनी मामले में फंसा हुआ बताकर सलाह मांगी। बातचीत के दौरान स्क्रीन पूरी तरह धुंधली दिखाई दे रही थी, जिससे सामने वाले का चेहरा स्पष्ट नहीं था। कुछ ही सेकंड बाद फोन कट गया और यहीं से ब्लैकमेलिंग का खेल शुरू हुआ।
एडिटिंग के बाद भेजे वीडियो
कॉल कटने के कुछ देर बाद एडवोकेट के पास उसी नंबर से एक वीडियो क्लिप आई। आरोपियों ने वीडियो कॉल के दौरान के उनके फुटेज को एडिट करके एक बेहद आपत्तिजनक वीडियो के साथ जोड़ दिया था। डराने के लिए आरोपियों ने एडवोकेट के फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट से जुड़े उनके मित्रों और परिजनों की आईडी के स्क्रीनशॉट भी भेजे। मैसेज में स्पष्ट धमकी दी गई कि यदि मांगी गई राशि का भुगतान तुरंत नहीं किया गया, तो यह एडिटेड वीडियो उनके सभी परिचितों को भेजकर उन्हें बदनाम कर दिया जाएगा।
पश्चिम बंगाल का कनेक्शन निकला
मामले की गंभीरता को देखते हुए एमआईजी थाना पुलिस ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत अज्ञात आरोपियों पर केस दर्ज किया है। एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया के अनुसार, प्राथमिक जांच और तकनीकी विश्लेषण में यह पाया गया है कि जिन मोबाइल नंबरों का उपयोग इस सेक्सटॉर्शन के लिए किया गया, वे पश्चिम बंगाल के पते पर जारी किए गए हैं। पुलिस अब इन नंबरों की लोकेशन और बैंक खातों के विवरण के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
