अभय प्रशाल में देशभर के पैरा (दिव्यांग) टेबल टेनिस खिलाड़यों को देखकर कहा जा सकता है कि दृढ़ इच्छा शक्ति हो तो कुछ भी किया जा सकता है। टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडियन के तत्वावधान में मध्य प्रदेश टेबल टेनिस संगठन और पैरा टेबल टेनिस एसोसिएशन द्वारा आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय पैरा टेबल टेनिस टूर्नामेंट में दिव्यांग खिलाड़ियों का जोश देखते ही बनता है।
राष्ट्रीय पैरा टेबल टेनिस टूर्नामेंट का श्रीगणेश इंदौर से हुआ था। अभी तक आठ राष्ट्रीय टूर्नामेंट हो चुके हैं। इंदौर का सौभाग्य है कि सात आयोजन नगर में हुए हैं। एक आयोजन बड़ौदा में हुआ था। इंदौर में दिव्यांग टेबल टेनिस खिलाड़ियों के लिए अन्य राज्यों से काफी अच्छी सुविधा उपलब्ध है।
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10 टेबल पर आयोजित
राष्ट्रीय पैरा टेबल टेनिस टूर्नामेंट में स्पर्धा अंतरराष्ट्रीय मानकों की 10 टेबल पर आयोजित की गई है। इसमें पुरुष खिलाडी को दस और महिला खिलाड़ियों को आठ वर्गों में विभाजित किया गया है। पांच वर्ग व्हील चेयर खिलाड़ियों के लिए और पांच वर्ग स्टैंडिंग दिव्यांग के लिए है।
45 खिलाड़ी विश्व रैंकिंग प्राप्त
राष्ट्रीय पैरा टेबल टेनिस टूर्नामेंट में 22 राज्यों के 307 खिलाड़ी, जिसमें 45 विश्व रैंकिंग खिलाड़ी प्रतियोगिता में भाग ले रहे हैं। प्रदेश के 20 खिलाडी अलग-अलग वर्ग में खेल रहे हैं। स्पर्धा में टोक्यो में पैरा ओलिंपिक रजत पदक विजेता गुजरात निवासी भाविना पटेल, गुजरात की सोनल पटेल, महाराष्ट्र की वैष्णवी सुतार, हरियाणा की एकता भ्यान, तेलंगाना की विजया दीपिका, पुरुषों में एशियाई पैरा खेल के कांस्य पदक विजेता संदीप डांगी, तेलंगाना के हितेश डोलवाणी, तमिलनाडु के एआर रवींद्रन गुजरात के रमेश चौधरी के अलावा कई प्रसिद्ध पैरा खिलाडी हिस्सा ले रहे हैं। शारीरिक रूप से कमजोर खिलाड़ियों की मेहनत और उनके खेल के प्रति लगाव को देखते हुए युवाओं को प्रेरणा मिलती है।
