ओंकारेश्वर में ज्योतिर्लिंग के दर्शन हेतु आने वाले इंदौर के श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन ने एक सराहनीय पहल की है। रक्तदान को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से लागू की गई इस नई व्यवस्था के तहत अब इंदौर के जो श्रद्धालु वहां पहुंचकर रक्तदान करेंगे, उन्हें भगवान शिव के दर्शन के लिए लंबी कतारों में खड़े होकर घंटों इंतजार करने की आवश्यकता नहीं होगी। प्रशासन ने निर्णय लिया है कि समाज सेवा के इस कार्य में योगदान देने वाले भक्तों को विशेष सुविधा प्रदान की जाएगी।

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रक्तदाताओं के लिए वीआईपी प्रोटोकॉल की सुविधा

स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन के समन्वय से अब रक्तदाता श्रद्धालुओं को वीआईपी प्रोटोकॉल के अंतर्गत ज्योतिर्लिंग के दर्शन कराए जाएंगे। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ओपी जुगतावत ने इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए बताया कि रक्तदान करने वाले प्रत्येक श्रद्धालु के लिए निःशुल्क वीआईपी दर्शन की यह विशेष व्यवस्था प्रारंभ कर दी गई है। इसके माध्यम से रक्तदाताओं को वही सम्मान और सुविधा मिलेगी जो मंदिर के विशेष अतिथियों को प्राप्त होती है।

सप्ताह में दो दिन से होगी शुरुआत

संसाधनों और स्टाफ की उपलब्धता को देखते हुए फिलहाल यह व्यवस्था सप्ताह के सभी दिनों के लिए उपलब्ध नहीं होगी। ब्लड कलेक्शन हेतु तैनात स्वास्थ्य टीम की संख्या अभी सीमित है, जिसके कारण शुरुआती चरण में यह सुविधा केवल मंगलवार और शनिवार को ही प्रदान की जाएगी। हालांकि, विभाग की योजना है कि भविष्य में व्यवस्थाओं को सुदृढ़ कर इसे सप्ताह के सातों दिन के लिए लागू कर दिया जाए ताकि अधिक से अधिक लोग इस मुहिम से जुड़ सकें।

रक्तदान के लिए यह हैं नियम

प्रशासन ने इस योजना के तहत रक्तदान करने वालों के लिए कुछ शारीरिक मापदंड भी तय किए हैं। ओंकारेश्वर आने वाले ऐसे दर्शनार्थी जिनकी आयु 18 से 60 वर्ष के मध्य है और जिनका वजन 45 किलोग्राम या उससे अधिक है, वे इस पुण्य कार्य का हिस्सा बन सकते हैं। रक्तदाताओं की सुविधा के लिए खंडवा जिला चिकित्सालय से विशेष ब्लड कलेक्शन वाहन और मेडिकल टीम ओंकारेश्वर में तैनात रहेगी, जो पूरी प्रक्रिया को सुगम बनाएगी।

 



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