इंदौर जिले में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे तथा विभिन्न कोचिंग संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के मानसिक और जीवनशैली से जुड़ी समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से “यारियां – द फ्रेंड्स क्लब” अभियान पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रारंभ किया गया है। इस अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर हाल ही में जिला स्तर पर बैठक आयोजित की गई है।

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कलेक्टर बोले छात्रों से नियमित संवाद करें, काउंसलिंग भी दें

शिवम वर्मा की अध्यक्षता में जिला सलाहकार समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सिद्धार्थ जैन, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव हसानी, विभिन्न कोचिंग संस्थानों के संचालक और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर वर्मा ने कहा कि कोचिंग संस्थान विद्यार्थियों को तनावमुक्त रखने के लिए सकारात्मक और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराएं। संस्थान विद्यार्थियों के साथ नियमित संवाद बनाए रखें और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें काउंसलिंग एवं भावनात्मक सहयोग प्रदान करें।

छात्रों की समस्याओं का समाधान करेंगे नोडल अधिकारी

बैठक में बताया गया कि अनेक विद्यार्थी अपने घरों से दूर रहकर हॉस्टल या किराये के कमरों में रह रहे हैं, जिससे उन पर मानसिक दबाव बढ़ सकता है। ऐसे विद्यार्थियों को उचित मार्गदर्शन और परामर्श देना अत्यंत आवश्यक है, ताकि वे तनाव से उबरकर अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर हो सकें। जिला प्रशासन द्वारा शासकीय हॉस्टलों में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, जो समय-समय पर विद्यार्थियों से मिलकर उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करेंगे।

हेल्पलाइन 14416 जारी, नशा मुक्ति पर भी जोर

विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए हेल्पलाइन नंबर 14416 जारी किया गया है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने निर्देश दिए हैं कि हेल्पलाइन के साथ-साथ संस्थान स्तर पर फेस-टू-फेस काउंसलिंग की व्यवस्था भी की जाए। बैठक में नशा मुक्ति और जागरूकता अभियान चलाने पर भी विशेष जोर दिया गया। कोचिंग संस्थानों के प्रतिनिधियों ने अभियान में सकारात्मक सहयोग का आश्वासन दिया।



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