इंदौर की मालवा मिल सड़क पर प्रस्तावित नई शराब दुकान को लेकर आज सुबह से ही भारी विरोध प्रदर्शन और हंगामा देखने को मिला। राजकुमार ब्रिज के समीप खुलने वाली इस दुकान का स्थानीय रहवासी पिछले काफी समय से विरोध कर रहे हैं। जैसे ही आज सुबह क्षेत्र के लोगों को यह सूचना मिली कि प्रशासन दुकान को जल्द ही शुरू करने की तैयारी में है, वैसे ही बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और घेराव कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने शासन और प्रशासन के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की और स्पष्ट किया कि वे किसी भी स्थिति में यहां शराब दुकान संचालित नहीं होने देंगे। स्थिति को बिगड़ता देख पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। लंबी चर्चा और उचित कार्रवाई के आश्वासन के बाद ही रहवासी सड़क से हटने को तैयार हुए।
महिलाओं ने सड़क पर दिया धरना
विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व मुख्य रूप से क्षेत्र की महिलाओं ने किया जो सुबह से ही मालवा मिल की मुख्य सड़क पर धरने पर बैठ गईं। प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना था कि जब तक दुकान को यहां से हटाने का लिखित आदेश नहीं मिल जाता, तब तक वे अपना धरना समाप्त नहीं करेंगी। महिलाओं ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि रिहाइशी इलाके में शराब दुकान खुलने से क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों में बढ़ोतरी होगी और महिलाओं का घर से निकलना दुश्वार हो जाएगा। स्थानीय निवासियों का यह भी तर्क है कि शराब दुकानों के आसपास असामाजिक तत्वों और नशेड़ियों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे पारिवारिक माहौल पूरी तरह से खराब हो जाता है और असुरक्षा की भावना बनी रहती है।
स्थानीय व्यापारियों ने जताई व्यापार ठप होने की आशंका
जिस स्थान पर शराब दुकान खोलने की योजना है, वह इंदौर के पुराने और प्रमुख व्यापारिक केंद्रों में से एक है। यहां मालवा मिल का ऐतिहासिक बाजार स्थित है जहां कपड़े, मसाले, मिठाई और किराने की अनेक पुरानी दुकानें संचालित होती हैं। इसके समीप ही एक व्यस्त सब्जी मंडी भी है जहां प्रतिदिन शाम को सैकड़ों की संख्या में महिलाएं खरीदारी के लिए पहुंचती हैं। स्थानीय व्यापारियों ने भी इस दुकान का कड़ा विरोध करते हुए कहा है कि शराब दुकान खुलने से इलाके की साख प्रभावित होगी। व्यापारियों का मानना है कि नशेड़ियों की आवाजाही के कारण महिलाएं और बच्चे बाजार आने से कतराएंगे, जिसका सीधा असर उनके व्यापार पर पड़ेगा और आर्थिक नुकसान होगा।
