मध्य प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने इंदौर में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। रेसीडेंसी कोठी पर आयोजित इस बैठक में मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शहर में निर्माणाधीन किसी भी प्रोजेक्ट की गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि निर्माण कार्यों में उच्च मानकों का पालन सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता होनी चाहिए।

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700 करोड़ के प्रोजेक्ट्स का लेखा-जोखा मांगा

इस बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु करीब 700 करोड़ रुपये की लागत से चल रहे विकास कार्य रहे। मंत्री सिलावट ने इंदौर संभाग के कमिश्नर और आईडीए अध्यक्ष डॉ. सुदाम खाड़े, कलेक्टर शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल और आईडीए सीईओ परीक्षित झाड़े की मौजूदगी में कार्यों की बारीकी से समीक्षा की। बैठक के दौरान सांवेर विधानसभा क्षेत्र में चल रहे 15 प्रमुख विकास कार्यों की प्रगति रिपोर्ट भी पेश की गई, जिनका निर्माण इंदौर विकास प्राधिकरण द्वारा किया जा रहा है।

नागरिकों को घर देकर सड़कों का काम पूरा करें

मंत्री ने कान्ह नदी पर 26 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे हाई लेवल रिवर ब्रिज की गुणवत्ता जांच के लिए स्वयं निरीक्षण करने की बात कही। इसके साथ ही, कैलोद हाला में प्रस्तावित रेलवे ओवरब्रिज के टेंडर की प्रक्रिया को गति देने के लिए पीडब्ल्यूडी विभाग के प्रमुख सचिव से चर्चा करने के निर्देश दिए। एमआर-11 रोड के निर्माण के संबंध में उन्होंने कहा कि प्रभावित नागरिकों को उनकी सहमति से वैकल्पिक निवास या किराए के घर उपलब्ध कराकर कार्य को आगे बढ़ाया जाए।

अप्रैल तक पूरे करें काम

बैठक में लसूड़ियामोरी और मायाखेड़ी क्षेत्र की 286 करोड़ रुपये की लागत वाली 6 मास्टर प्लान सड़कों पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जो कार्य 80 प्रतिशत से अधिक पूरे हो चुके हैं, उन्हें हर हाल में अप्रैल माह तक पूर्ण कर लिया जाए। इसमें लवकुश फ्लाईओवर की सर्विस रोड और तुलसी नगर की मुख्य सड़क का काम प्रमुखता से शामिल है।



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