इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में 15 दिन बाद नगर निगम ने नई नर्मदा लाइन से साफ पानी की आपूर्ति शुरू की है, हालांकि बस्तीवासियों को इस पानी को पीने से मना किया गया है। नगर निगम अफसरों ने स्पष्ट किया है कि अभी यह पानी केवल नहाने और घरेलू कार्यों के लिए उपयोग में लिया जा सकता है। पानी की जांच के बाद ही यह फैसला लिया जाएगा कि पानी की गुणवत्ता ठीक है या नहीं।

शुक्रवार को बस्ती में नर्मदा लाइन की टेस्टिंग की गई। दूषित पानी पीने से लोगों के बीमार होने के बाद नगर निगम ने नई पाइप लाइन बिछाने का कार्य दस दिन पहले शुरू किया था, जो अब जाकर पूरा हुआ। फिलहाल बस्ती के लगभग 30 प्रतिशत हिस्से में नई लाइन से नर्मदा का पानी सप्लाई किया जा रहा है। बाकी क्षेत्रों में पुरानी पाइप लाइन काफी खराब हो चुकी है, जिन्हें बदलने में दो से तीन माह का समय लगेगा।

मेयर ने पीकर देखा पानी

नर्मदा लाइन की टेस्टिंग के दौरान मेयर पुष्यमित्र भार्गव स्वयं बस्ती में मौजूद रहे। सप्लाई के दौरान उन्होंने पानी पीकर उसकी शुद्धता की जांच भी की। इससे पहले पिछले सप्ताह भी लाइन की टेस्टिंग की गई थी लेकिन उस दौरान तीन स्थानों पर लीकेज सामने आए थे, जिन्हें बाद में ठीक किया गया।

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आपको बता दें कि इस बस्ती में दूषित जलापूर्ति की समस्या को लेकर करीब सात माह पहले क्षेत्रीय पार्षद द्वारा नई पाइप लाइन बिछाने के लिए पत्र लिखे गए थे। स्वीकृति मिलने के बावजूद प्रस्ताव में देरी होती रही। इसी बीच दूषित पानी के कारण बस्ती में डायरिया और हैजा फैल गया। इस महामारी में अब तक एक हजार से अधिक लोग बीमार पड़ चुके हैं, जबकि दूषित पानी के सेवन से 24 लोगों की मौत हो चुकी है। 8 मरीज अब भी आईसीयू में भर्ती हैं।

नगर निगम द्वारा बस्ती में 60 से अधिक टैंकरों से पानी की आपूर्ति की जा रही है लेकिन पाइप लाइन के डालने के लिए चल रही खुदाई के कारण कई गलियों में टैंकर नहीं पहुंच पा रहे हैं। इससे स्थानीय लोगों को भारी जल संकट का सामना करना पड़ रहा है।



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