मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में मानवता की एक मिसाल पेश की गई है जहां ब्रेन हेमरेज के कारण ब्रेनडेड घोषित किए गए शुजालपुर के एक 34 वर्षीय युवक के परिजन ने अंगदान का साहसिक निर्णय लिया। इस परोपकारी कार्य के चलते दो महिलाओं सहित तीन जरूरतमंद मरीजों को नई जिंदगी मिलना संभव हो सकी। संस्था मुस्कान द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार ब्रेनडेड घोषित किए गए अंगदानी युवक की एक किडनी और एक लिवर सीएचएल हॉस्पिटल में उपचाराधीन दो महिला मरीजों को प्रत्यारोपित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त युवक की दूसरी किडनी का प्रत्यारोपण शैल्बी हॉस्पिटल में भर्ती एक पुरुष मरीज में किया जाएगा।

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इंदौर शहर का 67वां ग्रीन कॉरिडोर बना

अंगों को समय पर संबंधित अस्पतालों तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए इंदौर पुलिस और प्रशासन के सहयोग से ग्रीन कॉरिडोर का निर्माण किया गया। सीएचएल अस्पताल से शैल्बी अस्पताल तक किडनी पहुंचाने के लिए बनाया गया यह रास्ता इंदौर शहर का अब तक का 67वां ग्रीन कॉरिडोर साबित हुआ। सेवादार आर्य ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि शुजालपुर के रहने वाले 34 वर्षीय अनुपम, जिनके पिता का नाम जगदीश नालमे है, उन्हें गंभीर ब्रेन हेमरेज की शिकायत के बाद सीएचएल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने गहन परीक्षण के बाद अनुपम को ब्रेनडेड घोषित कर दिया था।

राजकीय सम्मान दिया जाएगा

मुस्कान संस्था के काउंसलर संदीपन आर्य के मुताबिक पेशे से इंजीनियर अनुपम नालमे के परिवार ने संभावित अंगदान की प्रक्रिया के लिए मुस्कान ग्रुप के सेवादारों से संपर्क साधा था। सकारात्मक काउंसलिंग और परिवार की इच्छाशक्ति के कारण अंगदान की आधिकारिक मंजूरी प्राप्त हुई। इस पुनीत कार्य में दिवंगत के पिता जगदीश, बुआ डॉ वर्षा और भाइयों अनुराग व जुबीन नालमे का विशेष सहयोग रहा। अंगदानी अनुपम के पार्थिव शरीर को उनके गृह नगर शुजालपुर में राजकीय सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी।



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