इंदौर के लसूड़िया क्षेत्र में बुधवार रात पिता पुत्र ने रहवासियों पर कार चढ़ा दी। इससे एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए। एमआर-11 स्थित सागर टाउनशिप के समृद्धि एन्क्लेव में यह घटना हुई। इस दर्दनाक हादसे में इंफोसिस में कार्यरत सॉफ्टवेयर इंजीनियर शंपा पाठक (पांडे) की जान चली गई। बताया जा रहा है कि मृतका शंपा अपने पति सौरभ और दो नन्हे बच्चों के साथ इसी महीने 13 मार्च को इस बिल्डिंग में रहने आई थीं।
पिता पुत्र Airbnb एप से किराए पर देते थे पेंटहाउस, रहवासी हो रहे थे परेशान
पुलिस द्वारा की गई शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि पूरा विवाद बिल्डिंग के पेंटहाउस के व्यावसायिक उपयोग को लेकर था। आरोपी कुलदीप चौधरी और उसके बेटे ने इस सोसाइटी में दो पेंटहाउस खरीदे थे। इन पेंटहाउस को वे Airbnb एप के माध्यम से बार बार किराए पर दे रहे थे। बिल्डिंग के अन्य निवासी इसका कड़ा विरोध कर रहे थे क्योंकि व्यावसायिक गतिविधियों के कारण बाहरी व्यक्तियों की आवाजाही काफी बढ़ गई थी जिससे सुरक्षा और शांति भंग हो रही थी। रविवार को स्थानीय पार्षद ने भी मध्यस्थता कर समझौता कराने का प्रयास किया था परंतु उसका कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला।
बातचीत के दौरान पिता पुत्र ने आपा खो दिया और कार चढ़ा दी
बुधवार की रात एक बार फिर इसी विषय को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हुई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने अपना आपा खो दिया। गुस्से में भरे आरोपी ने अपनी कार स्टार्ट की और वहां खड़े लोगों को कुचलते हुए वाहन आगे बढ़ा दिया। इस भयावह मंजर को देखकर मौके पर भगदड़ मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस बल वहां पहुंचा और घायलों को तत्काल निजी अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने शंपा पाठक को मृत घोषित कर दिया। यह पूरी घटना परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है जो अब पुलिस के लिए मुख्य साक्ष्य है।
रहवासियों को कुचलने के बाद भाग गए पिता और पुत्र
लसूड़िया पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए आरोपियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। वारदात को अंजाम देने के बाद से ही पिता और पुत्र दोनों फरार हैं। पुलिस प्रशासन ने उनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें गठित की हैं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ-साथ आरोपियों के संभावित ठिकानों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
इंदौर की कई बिल्डिंगों में यही हाल, रहवासी क्षेत्रों में चल रहे होस्टल, होटल और रेस्टोरेंट
इंदौर के रहवासी क्षेत्रों में फ्लैट, मकानों के व्यावसायिक उपयोग की लगातार शिकायतें आती रहती हैं। कई लोग एक से अधिक प्रॉपर्टी लेकर उसे किराए पर दे देते हैं या फिर वहां पर होटल, रेस्टोरेंट या होस्टल का संचालन करने लगते हैं। इससे आसपास के रहवासियों का जीवन दुश्वार हो जाता है। इंदौर में पढ़ने और नौकरी करने वाले स्टूडेंट्स और युवाओं को भी बिना किसी जांच पड़ताल के किराए की जगह दे दी जाती है जिससे कई बार वहां बड़े अपराध घटित हो जाते हैं। पुलिस लगातार इससे जुड़ी एडवाइजरी जारी करती है लेकिन इसके बावजूद प्रॉपर्टी ब्रोकर्स और प्रॉपर्टी का व्यवसाय करने वाले निरंकुश होकर रहवासी क्षेत्रों में नियम विरुद्ध कार्य करते रहते हैं।
