इंदौर मेें नदी-नालों के किनारे बड़े पैमाने पर अतिक्रमण है। इस कारण बारिश के प्राकृतिक बहाव बाधित हो जाता है और घरों में पानी घुसने लगता है। इसे देखते हुए नगर निगम ने वर्षाकाल से पहले ही नालों पर बने निर्माणों को तोड़ने का काम शुरू कर दिया है।
गुरुवार को रावजी बाजार क्षेत्र में 21 मकान तोड़े गए। कई वर्षों से नाले पर अतिक्रमण किया गया था। इसकी देखा देखी अन्य लोगों ने भी नाला घेरना शुरू कर दिया था। रहवासियों ने मुहिम का विरोध किया और समय देने की मांग की, लेकिन अफसरों ने कहा कि पहले ही काफी समय दिया जा चुका है।
नोटिस जारी होने के बाद पर्याप्त समय था अतिक्रमण हटाने का, लेकिन स्वेच्छा से नहीं हटाए गए। गुरुवार सुबह रिमूवल टीम पहुंची और कार्रवाई शुरू कर दी। अफसर ने रहवासियों को कहा कि वे मकानों के भीतर रखे सामान को निकाल कर सुरक्षित स्थानों पर रख दें। पौन घंटे बाद जेसीबी ने तोड़फोड़ शुरू कर दी।
इस दौरान अफसरों के साथ रावजी बाजार थाने का पुलिस बल भी था। तीन जेसीबी की मदद से दो घंटे में नाले किनारे के हिस्सों को तोड़ा गया। इसे बाद नाले का पाट चौड़ा नजर आया। दरअसल पिछले दिनों अफसरों ने इस हिस्से का दौरा किया था। बड़े पैमाने पर अतिक्रमण नजर आने पर सर्वे किया गया था और 21 मकानों का अतिक्रमण पाया गया था। कार्रवाई के दौरान भवन अधिकारी वैभव देवलासे, भवन निरीक्षक आराधना शुक्ला, सहायक रिमूवल अधिकारी बबलू कल्याणे एवं अन्य उपस्थित थे।
