गुरुवार को महू आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के किसानों ने कलेक्टर कार्यालय में अर्ध नग्न होकर प्रदर्शन किया। वे नए बनने वाले पूर्वी बायपास के विरोध में यह प्रदर्शन किया। किसानों का कहना है कि सड़क के लिए खेती की उपजाऊ जमीन किसानों से ली जा रही है और बदले में पर्याप्त मुआवजा भी नहीं दिया जा रहा है।
किसानों को मत सताओ
अलग-अलग ग्रामीण क्षेत्र से आए किसानों ने गुरुवार को कलेक्टर कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। किसान अपने साथ तख्तियां भी लेकर आए थे। जिन पर लिखा था किसानों से उपजाऊ जमीन मत छीनो। खेती ही हमारा रोजगार है। किसानों को मत सताओ। प्रदर्शन कर रहे किसानों से कलेक्टर शिवम वर्मा भी मिलने पहुंचे। वे भी आलथी पालथी मारकर जमीन पर बैठ गए और इत्मीनान से उनकी बात सुनी। प्रदर्शन में महू के अलावा पिवडाय, कंपेल, जोशी गुराडिया सहित 30 से ज्यादा क्षेत्रों के सैकड़ों किसान शामिल हुए।
बता दें, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने नए पूर्वी बायपास का सर्वे शुरू कर दिया है, हालांकि इसके निर्माण में अभी समय लगेगा। इंदौर जिले में पश्चिमी बायपास को भी बनाया जा रहा है और हातोद से उज्जैन तक फोरलेन रोड भी बनाई जा रही है। इसे लेकर भी 500 से ज्यादा गांवों के किसान विरोध करते रहे हैं।
10 गांवों में जमीन अधिग्रहण
पश्चिमी बायपास के लिए 10 से ज्यादा गांव में जमीन का अधिग्रहण हो चुका है। शहर में बायपास की एक नई रिंग आने वाले वर्षों में तैयार होगी, लेकिन इस बायपास के लिए वे किसान तैयार नहीं हैं, जिनकी जमीन सड़क के लिए ली जा रही है। उनका कहना है कि बायपास को कम उपजाऊ या बंजर जमीन वाले हिस्से में बनाना चाहिए।
70 किमी लंबा होगा बायपास
प्राधिकरण 70 किलोमीटर लंबा बायपास बना रहा है, जो महू से मांगलिया गांव के आगे तक बनेगा। इसके अलावा पूर्व में एक और बायपास (आउटर रिंग रोड) बनाया जा रहा है। 20 साल पहले राऊ से देवास तक एक बायपास का निर्माण किया जा चुका है, लेकिन उसके आसपाास बसाहट हो गई। इस कारण एक और बायपास का सर्वे हो रहा है, इसी का किसान विरोध कर रहे हैं।
