भारत सरकार के निर्देशानुसार शुरू होने जा रहे जनगणना अभियान के पहले चरण में मकानों की गणना की जानी है। इस क्रम में देश में सबसे पहले इंदौर में मकान गणना का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। इंदौर नगर निगम के जोन क्रमांक 3 ने स्नेहलतागंज क्षेत्र में एक ब्लॉक बनाकर मकान गणना का कार्य पूरा किया।
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1 मई से शुरू होगा पहला चरण
प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को भोपाल में 55 जिलों के कलेक्टर और 16 नगर निगम आयुक्तों को प्रशिक्षण दिया। यह जनगणना 1 मई से शुरू होगी। पहले चरण में एक महीने के भीतर मकानों की गणना का कार्य पूरा किया जाएगा। सन् 1931 के बाद पहली बार जनगणना के साथ जातिगत जनगणना भी की जाएगी। साथ ही देश के इतिहास में पहली बार यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संपन्न होगी।
180 से 200 मकानों का बनेगा एक ब्लॉक
प्रशिक्षण से पहले इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने नगर निगम और जिला प्रशासन के अधिकारियों की बैठक लेकर दिशा-निर्देश दिए थे। केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार 180 से 200 मकान या लगभग 1000 सदस्यों का एक ब्लॉक बनाया जाएगा। प्रत्येक मकान को नंबर देकर गणना की जाएगी।
जोन 3 ने की पहल
कलेक्टर के निर्देश के बाद जोनल कार्यालय क्रमांक 3 के जोनल अधिकारी राज ठाकुर ने स्नेहलतागंज गली नंबर 4 और 5 को मिलाकर पहला ब्लॉक तैयार किया। इस ब्लॉक में 141 मकान पाए गए, जिनमें लगभग 1300 नागरिक निवास करते हैं। सभी मकानों पर जनगणना नंबर अंकित कर दिए गए हैं। अब दूसरे ब्लॉक के गठन की तैयारी की जा रही है।
इंदौर बन सकता है नंबर वन
कलेक्टर की पहल के चलते इंदौर देश में सबसे पहले मकान गणना का कार्य शुरू करने वाला शहर बन गया है। प्रशासन को उम्मीद है कि मकान गणना के कार्य में इंदौर प्रदेश और देश में अग्रणी स्थान हासिल कर सकता है।
