भागीरथपुरा मामले को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार की घेराबंदी तेज कर दी है, जिससे सरकार के सामने इस प्रकरण का जल्द निराकरण करने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। दूसरी ओर, भाजपा भी अब डैमेज कंट्रोल की कोशिशों में जुट गई है।
प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद ने शनिवार को इंदौर प्रवास के दौरान महापौर पुष्यमित्र भार्गव और भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा के साथ बंद कमरे में बैठक की। इस महत्वपूर्ण चर्चा में भाजपा महामंत्री गौरव रणदिवे और निशांत खरे भी उपस्थित थे।
उधर, नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सुबह दिल्ली में केंद्रीय नेताओं से मुलाकात कर अपनी ओर से सफाई दी। दिल्ली से उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि इस मुद्दे को जल्द से जल्द शांत किया जाए ताकि मामला और अधिक तूल न पकड़े। शाम को इंदौर लौटने के बाद मंत्री विजयवर्गीय ने स्थानीय नेताओं के साथ फिर बैठक की।
विजयवर्गीय ने दिल्ली दरबार में मामले का पूरा ब्यौरा प्रस्तुत किया है। चूंकि इंदौर जिले के प्रभारी मंत्री स्वयं मुख्यमंत्री मोहन यादव हैं और यह घटना उनके प्रभार वाले जिले में हुई है, इसलिए कांग्रेस उन्हें भी निशाने पर ले रही है। कांग्रेस अब तक इंदौर में तीन आंदोलन कर चुकी है और जल्द ही एक बड़े आंदोलन की रणनीति भी तैयार की जा रही है।
