इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय ने स्नातक तृतीय और चतुर्थ वर्ष की परीक्षाओं के टाइमटेबल में महत्वपूर्ण परिवर्तन की घोषणा की है। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ये परीक्षाएं 31 मार्च को समाप्त होनी थी, लेकिन अब संशोधित कार्यक्रम के तहत ये 12 अप्रैल तक संचालित की जाएंगी। विश्वविद्यालय के इस निर्णय का सीधा असर लगभग 45 हजार छात्र-छात्राओं पर पड़ेगा। हालांकि परीक्षा की प्रारंभिक तिथि में कोई बदलाव नहीं किया गया है और परीक्षाएं 5 मार्च से ही शुरू होंगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बीए, बीकॉम और बीएससी के प्रश्नपत्र अब पूर्व की तुलना में लंबी अवधि तक चलेंगे।

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छात्रों के हितों को ध्यान में रखकर लिया गया फैसला

टाइमटेबल में इस विस्तार का मुख्य कारण छात्रों की व्यावहारिक समस्याएं हैं। आंकड़ों के मुताबिक लगभग 70 प्रतिशत विद्यार्थी ऐसे हैं जो तृतीय वर्ष की नियमित परीक्षा के साथ-साथ द्वितीय वर्ष के पुराने बैक पेपर भी दे रहे हैं। दोनों परीक्षाओं की तिथियों में टकराव न हो, इसलिए यह फैसला लिया गया है। विश्वविद्यालय ने यह भी भरोसा दिलाया है कि परीक्षाओं के दौरान नकल और पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी के कड़े प्रबंध किए गए हैं। छात्र विस्तृत और अपडेटेड टाइमटेबल विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं।

प्रथम और द्वितीय वर्ष की परीक्षाओं की स्थिति इस प्रकार रहेगी

विश्वविद्यालय ने अन्य वर्षों की परीक्षाओं का स्टेटस भी स्पष्ट किया है। प्रथम वर्ष की स्नातक परीक्षाएं 12 मई से शुरू होना प्रस्तावित हैं। वहीं द्वितीय वर्ष की परीक्षाओं के शेड्यूल पर इस बदलाव का कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा और वे अपनी पूर्व निर्धारित तिथि 16 अप्रैल से ही शुरू होंगी। तृतीय वर्ष की संपूर्ण परीक्षा प्रक्रिया को कुल 14 वर्किंग डे में संपन्न करने की योजना बनाई गई है।

सीयूईटी पीजी अभ्यर्थियों को मिलेगी राहत

सीयूईटी पीजी का नया शेड्यूल जारी होने के बाद विश्वविद्यालय के इस निर्णय से छात्रों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। चूंकि तृतीय वर्ष के अधिकांश विद्यार्थियों को परास्नातक (PG) में प्रवेश के लिए सीयूईटी में शामिल होना है, इसलिए परीक्षा की तारीखें आगे बढ़ने से उन्हें दोनों महत्वपूर्ण परीक्षाओं की तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा। विश्वविद्यालय का मानना है कि यदि परिणाम 10 मई तक घोषित कर दिए जाते हैं, तो पीजी प्रवेश प्रक्रिया में छात्रों को किसी तकनीकी बाधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।

परिणाम घोषित करने की नई समय-सीमा

परीक्षाओं की अवधि बढ़ने के कारण अब रिजल्ट की तारीखों को भी आगे बढ़ा दिया गया है। तृतीय वर्ष का परिणाम जो पहले 30 अप्रैल तक आना था, अब 10 मई तक जारी होने की संभावना है। इसी तरह द्वितीय वर्ष के परिणामों के लिए 31 मई तक का लक्ष्य रखा गया है। परीक्षा नियंत्रक डॉ. अशोक दिवाकर ने बताया कि कॉपियों के मूल्यांकन का कार्य परीक्षा के अगले दिन से ही प्रारंभ कर दिया जाएगा। इसके लिए 60 मूल्यांकन केंद्रों को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि शैक्षणिक सत्र में किसी भी प्रकार की देरी को रोका जा सके।



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