इंदौर की देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी (डीएवीवी) के आरएनटी मार्ग स्थित परिसर में मंगलवार दोपहर भारी हंगामा देखने को मिला। एनएसयूआई के कार्यकर्ता विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली के विरोध में बड़ी संख्या में प्रदर्शन करने पहुंचे थे। इस दौरान पुलिस और छात्र नेताओं के बीच जमकर तीखी झड़प हुई। हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस ने एनएसयूआई जिला अध्यक्ष रजत पटेल सहित कुल छह पदाधिकारियों को हिरासत में ले लिया।

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विश्वविद्यालय की अव्यवस्थाओं के खिलाफ मोर्चा

प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय में लंबे समय से प्रशासनिक और शैक्षणिक मोर्चे पर भारी लापरवाही बरती जा रही है। एनएसयूआई पदाधिकारियों के अनुसार रिजल्ट में लगातार हो रही देरी और कॉपियों के मूल्यांकन में गड़बड़ी जैसे गंभीर मुद्दों के कारण हजारों छात्रों का भविष्य संकट में है। इन्हीं मांगों को लेकर दोपहर करीब 1.40 बजे छात्र कैंपस पहुंचे थे, जहां लगभग एक घंटे तक जबरदस्त नारेबाजी और प्रदर्शन का दौर चला।

रील बनाने के चक्कर में उलझे छात्र नेता

इस पूरे हंगामे के बीच एक दिलचस्प स्थिति तब बनी जब पुलिस ने छात्रों पर प्रदर्शन के बजाय रील बनाने का आरोप लगाया। ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कई छात्र नेता विरोध दर्ज कराने से ज्यादा सोशल मीडिया के लिए वीडियो शूट करने में रुचि दिखा रहे थे। छात्र बार-बार बैरिकेड्स पर चढ़ने का प्रयास कर रहे थे ताकि कैमरे में उनके विजुअल्स प्रभावी ढंग से रिकॉर्ड हो सकें।

कैंपस को छावनी में तब्दील कर दिया 

बढ़ते विवाद को देखते हुए पुलिस को लाउडस्पीकर से बार-बार घोषणा करनी पड़ी। पुलिसकर्मियों ने छात्रों से कहा कि वे रील बनाने के चक्कर में अनुशासन न तोड़ें और शांतिपूर्वक अपना ज्ञापन सौंपकर वहां से चले जाएं। हालांकि जब प्रदर्शनकारी जबरन परिसर के भीतर घुसने की कोशिश करने लगे, तो पुलिस के साथ उनकी झूमा-झटकी शुरू हो गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कैंपस को छावनी में तब्दील कर दिया गया था।

पुलिस बोली छात्र हिंसक प्रदर्शन की ओर बढ़ रहे थे

पूरे मामले पर एडिशनल डीसीपी रामसनेही मिश्रा ने जानकारी दी कि कार्यकर्ता लगातार नारेबाजी कर रहे थे। उन्हें बार-बार समझाइश दी गई, लेकिन जब वे हिंसक प्रदर्शन और धक्का-मुक्की पर उतारू हो गए, तो एहतियात के तौर पर एनएसयूआई जिला अध्यक्ष रजत पटेल समेत 6 मुख्य पदाधिकारियों को गिरफ्तार किया गया। बाकी अन्य कार्यकर्ताओं को चेतावनी देकर मौके से हटा दिया गया। उधर एनएसयूआई ने स्पष्ट किया है कि वे झुकेंगे नहीं और छात्रों के हित में यह लड़ाई निर्णायक मोड़ तक जारी रहेगी।

NSUI द्वारा उठाई गई प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:

मूल्यांकन विभाग में एक ही विचारधारा से जुड़े प्रोफेसरों की जगह अन्य प्रोफेसरों को भी अवसर दिया जाए।

बीएड के परिणामों में हो रही अनियमितताओं को समाप्त किया जाए।

विश्वविद्यालय परिसर में एक विशेष संगठन के कार्यक्रमों को संस्थागत कार्यक्रम बताकर कराए जाने की प्रवृत्ति को रोका जाए या सभी छात्र संगठनों को समान अवसर प्रदान किए जाएं।

विश्वविद्यालय के ठेकों में हो रहे भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई की जाए।

तक्षशिला परिसर स्थित लाइब्रेरी को शनिवार एवं रविवार को भी संचालित किया जाए, ताकि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को सुविधा मिल सके।

कर्मचारियों की लंबित मांगों को शीघ्र पूरा किया जाए एवं भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।

विश्वविद्यालय में पुराने वाटर कूलर को तुरंत बदला जाए।



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