इंदौर के प्रसिद्ध खेल परिसर, जिसे पूर्व में छोटा नेहरू स्टेडियम के नाम से जाना जाता था, उसका आधिकारिक नामकरण अब छत्रपति शिवाजी महाराज खेल परिसर कर दिया गया है। इस अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसने शहर के सांस्कृतिक और खेल जगत के वातावरण को राष्ट्रभक्ति के रंग में सराबोर कर दिया। आयोजन के दौरान उपस्थित जनसमूह का उत्साह देखते ही बनता था।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने जगाया शौर्य का भाव
इस विशेष समारोह का मुख्य आकर्षण प्रसिद्ध लोक कलाकार और युवा शाहीर विक्रांत सिंह राजपूत रहे। उन्होंने समाज प्रबोधनकार की अपनी विशेष शैली में छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन प्रसंगों का सजीव वर्णन किया। विक्रांत सिंह राजपूत ने अपनी ओजस्वी वाणी के माध्यम से महाराज की युद्ध रणनीति, अदम्य साहस और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को जनता के समक्ष रखा। उनके गायन और प्रस्तुतीकरण के दौरान पूरा स्टेडियम जय भवानी, जय शिवाजी के उद्घोष से गुंजायमान रहा, जिससे उपस्थित युवाओं में जबरदस्त ऊर्जा का संचार हुआ।
वैचारिक क्रांति के प्रतीक हैं शिवाजी महाराज: स्वाती काशिद
कार्यक्रम की आयोजक और भाजपा नगर मंत्री एडवोकेट स्वाती काशिद ने समारोह को संबोधित करते हुए इस नामकरण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि खेल परिसर का नाम छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम पर रखना केवल एक नाम परिवर्तन नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों और गौरवशाली इतिहास से जोड़ने का एक माध्यम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि महाराज के आदर्श आज भी युवाओं के लिए एक मार्गदर्शक विचारधारा के रूप में कार्य करते हैं।
दिग्गज नेताओं और गणमान्य नागरिकों की रही गरिमामयी उपस्थिति
इस ऐतिहासिक जन-उत्सव में राजनीति और समाज के विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियों ने शिरकत की। कार्यक्रम में मुख्य रूप से अण्णा महाराज, नितिन मतकर गुरुजी, नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक रमेश मेंदोला, विधायक गोलू शुक्ला, विधायक महेंद्र हार्डिया, नंदकिशोर पहाड़िया और सुधीर कोल्हे सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में महिलाओं, युवाओं और आम नागरिकों की भागीदारी ने इस आयोजन को एक बड़े सामुदायिक उत्सव में बदल दिया।
