इंदौर के चिड़ियाघर में पर्यटकों को जल्द ही समुद्र की गहराई का अहसास होगा क्योंकि यहां 35 करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक एक्वेरियम का निर्माण किया जा रहा है। प्रशासन ने इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है और उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले चार से पांच महीनों के भीतर धरातल पर काम शुरू हो जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए चिड़ियाघर परिसर में ही दो एकड़ की भूमि आरक्षित कर दी गई है।

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समुद्री मछलियों के लिए बनेगा विशेष खारा पानी

इस एक्वेरियम में सैकड़ों प्रजातियों की समुद्री मछलियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। इन मछलियों के अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए चिड़ियाघर में ही कृत्रिम रूप से समुद्री यानी खारा पानी तैयार किया जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार जल को खारा बनाने की इस प्रक्रिया में लगभग 45 दिन का समय लगेगा। यहां दुर्लभ प्रजातियों को रखने की योजना है ताकि दर्शकों को एक नया अनुभव मिल सके।

दुबई और सिंगापुर जैसी अंडर वॉटर टनल

इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत यहां बनने वाली अंडर वॉटर टनल होगी जिसे सिंगापुर और दुबई के प्रसिद्ध एक्वेरियम की तर्ज पर बनाया जाएगा। यह ग्लास टनल 20 से 50 मीटर लंबी होगी जिसमें चलते हुए पर्यटक अपने चारों ओर मछलियों को तैरते हुए देख सकेंगे। इसके साथ ही यहां एक आधुनिक टॉवर का निर्माण भी किया जाएगा और साहसिक गतिविधियों के शौकीनों के लिए स्कूबा डाइविंग की विशेष व्यवस्था भी उपलब्ध रहेगी।

पीपीपी मॉडल पर आधारित निर्माण प्रक्रिया

चिड़ियाघर प्रभारी नंदकिशोर पहाड़िया ने जानकारी दी कि इस पूरे प्रोजेक्ट को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप यानी पीपीपी मॉडल के तहत पूरा किया जाएगा। विभाग का लक्ष्य है कि मानसून के बाद इसका निर्माण कार्य तेजी से शुरू कर दिया जाए। रविवार जैसे व्यस्त दिनों में जब चिड़ियाघर में दर्शकों की संख्या 25 हजार तक पहुंच जाती है, तब भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए एक्वेरियम का डिजाइन तैयार किया गया है। बच्चों के मनोरंजन और ज्ञानवर्धन के लिए भी यहां अलग से विशेष जोन बनाए जाएंगे।



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