चोइथराम अस्पताल के नजदीक स्थित लेकपार्क कॉलोनी में सोमवार सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब यहां स्थित एक गैरेज में अचानक भीषण आग लग गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि देखते ही देखते पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही राजेंद्र नगर थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं और राहत कार्य शुरू किया गया।
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6 कारें जलकर हुई खाक
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिस गैरेज में यह अग्निहादसा हुआ वहां 6 कारें खड़ी थीं। आग की चपेट में आने के कारण ये 6 कारें पूरी तरह जलकर खाक हो गई हैं। दमकलकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए आग पर समय रहते काबू पा लिया जिससे यह आसपास के रिहायशी इलाकों में नहीं फैल सकी और एक बड़ा हादसा होने से टल गया।
अस्पताल की दीवार से सटा था शेड
फायर ब्रिगेड के अधिकारियों ने बताया कि यह गैरेज चोइथराम अस्पताल के ठीक सामने स्थित एक ऑटो डीलिंग कंपनी का है। यहां पुरानी कारों की रिपेयरिंग और उन्हें बेचने का काम किया जाता है। जिस शेड में आग लगी थी वह सीधे तौर पर अस्पताल की दीवार से सटा हुआ था। खतरा भांपते हुए सबसे पहले अस्पताल प्रबंधन की ओर से ही पानी डालकर आग को रोकने की कोशिश की गई थी। दमकल विभाग के अनुसार गैरेज में मौजूद कलर स्प्रे और अन्य ज्वलनशील रसायनों की मौजूदगी के कारण आग ने भयावह रूप धारण कर लिया था।
सांवेर रोड पर भी हुआ था हादसा
उल्लेखनीय है कि इंदौर में आगजनी की यह दूसरी बड़ी घटना है। इससे पहले रविवार सुबह भी सांवेर रोड स्थित नरवल क्षेत्र के एक स्क्रैप गोदाम में आग लग गई थी। मोहम्मद इरफान के इस गोदाम में भारी मात्रा में प्लास्टिक स्क्रैप रखा था जिसके चलते काला धुआं दूर-दूर तक फैल गया था। उस दौरान पास ही बने मजदूरों के क्वार्टरों तक आग पहुंचने का खतरा पैदा हो गया था जिसके बाद मजदूरों ने अपना सामान घरों से बाहर निकाल लिया था। पुलिस इन दोनों ही मामलों में आग लगने के कारणों की जांच कर रही है।
गैस सिलेंडर चपेट में आने से बचा
गैरेज के पास की एक दुकान पर एक गैस सिलेंडर भी रखा था जिसे समय रहते निकाल लिया गया। आग की लपटें इतनी भीषण थी कि दूर से ही नजर आ रही थी। आसपास की दुकानों को भी आग की वजह से नुकसान हुआ है।
