इंदौर के प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर से जुड़े एक प्रतिष्ठित परिवार में पारिवारिक विवाद सामने आया है। परिवार की बहू इंदिरा भट्ट ने अपने पति पुनीत भट्ट और ससुराल पक्ष के अन्य सदस्यों पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस आयुक्त कार्यालय में गुहार लगाई है। पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि उसे दहेज के लिए न केवल शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया, बल्कि जबरन घर से भी निकाल दिया गया है। इंदिरा के मुताबिक उनकी शादी 17 मई 2025 को संपन्न हुई थी। उन्होंने बताया कि यह उन दोनों की दूसरी शादी थी और पति ने संतान प्राप्ति की इच्छा के चलते उनसे विवाह किया था। शुरुआती दो महीनों तक स्थिति सामान्य रही लेकिन जुलाई 2025 के बाद ससुराल वालों का व्यवहार पूरी तरह बदल गया। आरोप है कि पति, सास, ननंद, नंदोई और देवरों ने मिलकर उन पर मायके से 1 करोड़ रुपए नकद और एक फॉर्च्यूनर कार लाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया था।

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बंधक बनाकर रखने और भूख से तड़पाने का आरोप

पीड़िता ने अपनी शिकायत में अत्यंत मार्मिक आरोप लगाए हैं। इंदिरा का कहना है कि ससुराल में उन्हें कई बार भोजन तक नहीं दिया जाता था और उन्हें घर के भीतर ही बंद करके रखा जाता था। इतना ही नहीं, उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होने से रोकने के लिए नौकरी करने पर भी पाबंदी लगा दी गई थी। जब भी उन्होंने इन बातों का विरोध किया, तो उनके पति उन्हें अलग कमरे में ले जाकर धमकाते थे। इंदिरा का दावा है कि उनके ससुराल पक्ष ने उनके कीमती जेवर और लगभग 5 लाख रुपए नकद भी अपने कब्जे में ले लिए हैं और मांगने पर उनके साथ दुर्व्यवहार किया जाता है।

दत्तक पुत्र की पत्नी के गर्भवती होने पर बदला व्यवहार

शिकायत पत्र में इंदिरा ने एक विशेष घटनाक्रम का उल्लेख किया है। उन्होंने बताया कि उनके पति पुनीत भट्ट की अपनी कोई संतान नहीं थी, इसलिए उन्होंने अपने बड़े पिता के पुत्र उदित को गोद लिया था। शादी के शुरुआती समय में सब ठीक था, लेकिन जैसे ही जुलाई 2025 में यह सूचना मिली कि दत्तक पुत्र उदित की पत्नी गर्भवती है, वैसे ही ससुराल वालों का रवैया इंदिरा के प्रति क्रूर हो गया। आरोप है कि इसके बाद से ही 1 करोड़ रुपए और महंगी कार की मांग तेज कर दी गई और स्पष्ट कहा गया कि यह मांग पूरी होने पर ही उन्हें शांति से रहने दिया जाएगा।

झूठे मुकदमों में फंसाने की साजिश

इंदिरा भट्ट ने आरोप लगाया है कि उनके खिलाफ सुनियोजित तरीके से साजिश रची गई। उनके पति के दत्तक पुत्र उदित ने अपनी पत्नी के माध्यम से इंदिरा पर गलत आरोप लगवाकर एक मामला दर्ज करवाया, जिसमें खजराना पुलिस ने कोर्ट में चालान भी पेश कर दिया है। पीड़िता का कहना है कि यह सब उन्हें परेशान करने और दबाव में लाने के लिए किया गया है। सितंबर 2025 में मारपीट कर उन्हें घर से बाहर निकाल दिया गया था, जिसके बाद से वह अपने मायके में रहने को विवश हैं। ससुराल पक्ष अब उन्हें अपने प्रभाव का डर दिखाकर पुलिस कार्रवाई न होने देने की धमकी दे रहा है। फिलहाल पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आवेदन प्राप्त हो गया है और जांच के बाद उचित वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।



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