इंदौर के खजराना मंदिर के गर्भगृह की चांदी की दीवारों की चमक इन दिनों बढ़ाई जा रही है। गर्भगृह में लगी चांदी की सफाई में बीते कई दिनों से श्रमिक जुटे हुए हैं। उन्हें दूसरे शहरों से इस काम के लिए बुलाया गया है। चांदी चमकाने के अलावा गर्भगृह की प्लाईवुड को भी बदला जा रहा हैं।
मंदिर के गर्भगृह की दीवारों के अलावा सिंहासन पर लगी पुरानी चांदी को भी बदला जा रहा है। पुजारी पंडित धर्मेंद्र भट्ट के अनुसार तत्कालीन कलेक्टर आकाश त्रिपाठी ने भक्तों से चांदी दान करने की अपील की थी, जिसके बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने चांदी के गहनों और सामग्रियों का दान किया था। उसके बाद गर्भगृह और मुख्य द्वार पर चांदी की नक्काशीदार दीवार बनाई गई थी,लेकिन समय के साथ उनमें कालापन आ गया और वह बदरंग दिखने लगी थी। मंदिर प्रबंध समिति ने उन दीवारों को साफ करने का फैसला लिया। इसके बाद पांच श्रमिक गर्भगृह में लगातार उन दीवारों को साफ करते हुए देखे जा सकते हैं।
फिलहाल नहीं बनेगा नया स्वर्ण मुकुट
खजराना गणेश मंदिर में गणपति बप्पा की प्रतिमा पर नया स्वर्ण मुकुट बनाने का फैसला भी लिया गया था लेकिन फिलहाल उसे टाल दिया गया है। नए मुकुट में आठ से दस किलो सोना लग लग रहा है। भक्तों द्वारा दिया गया कुछ सोना गौशाला में जमा है लेकिन मुकुट के लिए और भी ज्यादा मात्रा में सोने की आवश्यकता पड़ रही थी।इस कारण अभी मुकुट नहीं बनाया जा रहा है।
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भक्त सदन में आने लगे भक्त
खजराना मंदिर में बना भक्त सदन भी बन चुका है। अब उसमें भक्त भी आने लगे है। 20 से ज्यादा कमरे इस सदन में बनाए गए हैं। जिनमें नाम मात्र शुल्क पर भक्तों को कमरा किराए पर दिए जाते हैं। परिसर के पार्किंग क्षेत्र को भी व्यवस्थित किया जा रहा है।
