समाज में एनीमिया जैसी गंभीर स्वास्थ्य स्थिति के प्रति व्यापक स्तर पर जनचेतना जाग्रत करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। इंदौर में 12 दिवसीय एनीमिया जागरूकता रथ अभियान की शुरुआत इस सप्ताह से हो गई है। यह अभियान जन-स्वास्थ्य को समर्पित एक बड़ी मुहिम के रूप में देखा जा रहा है।
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20 लाख लोगों तक पहुंचने का विशाल लक्ष्य
इस वर्ष के अभियान के लिए आयोजकों ने एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। जागरूकता रथ के माध्यम से इंदौर महानगर के विभिन्न वार्डों सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में लगभग 20 लाख लोगों तक सीधा संपर्क करने की योजना है। यह अभियान 17 फरवरी से प्रारंभ होकर 1 मार्च तक अनवरत रूप से संचालित किया जाएगा। इस 12 दिवसीय कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को एनीमिया के लक्षणों और उससे बचाव के उपायों के बारे में शिक्षित करना है।
विभिन्न संस्थाओं का संयुक्त प्रयास
इस जनहितकारी अभियान का सफल आयोजन इंदौर सांसद सेवा प्रकल्प, आयुष मेडिकल वेलफेयर फाउंडेशन और एडवांस्ड होम्योपैथिक सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। विख्यात होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. ए.के. द्विवेदी के नेतृत्व में यह अभियान प्रतिवर्ष चलाया जाता है। मंगलवार को राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने इस रथ का शुभारंभ किया। उन्होंने इस कार्य की सराहना करते हुए कहा कि एनीमिया की रोकथाम केवल सामाजिक जागरूकता से ही संभव है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह रथ समाज के हर वर्ग को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने में मददगार साबित होगा।
जांच और उपचार की महत्ता पर विशेष जोर
अभियान के सूत्रधार डॉ. ए.के. द्विवेदी ने इस मौके पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि एनीमिया की समय रहते पहचान और सही उपचार होना बहुत जरूरी है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि होम्योपैथी चिकित्सा एनीमिया के विभिन्न प्रकारों के उपचार में प्रभावी और सहायक सिद्ध हो रही है। वर्तमान में महिलाओं, किशोरियों और छोटे बच्चों में रक्त की कमी की समस्या एक गंभीर चुनौती बनकर उभरी है, जिसके लिए हर वर्ष इस तरह का व्यापक जन जागरूकता अभियान आयोजित करना अनिवार्य हो गया है।
“गुड़-चना खाएं, रक्त बढ़ाएं” का संदेश
अभियान की कार्ययोजना के अनुसार, दो विशेष रथ प्रतिदिन शहर और गांवों के अलग-अलग क्षेत्रों में जाएंगे। इन रथों के साथ चिकित्सा क्षेत्र के छात्रों की एक समर्पित टीम भी चलेगी, जो स्थानीय लोगों को पोषक आहार के बारे में परामर्श देगी। इस दौरान “गुड़-चना खाएं, रक्त बढ़ाएं” के सरल एवं प्रभावी संदेश के साथ लोगों को प्रतीकात्मक रूप से गुड़ और चना भी वितरित किया जाएगा।
