अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा विभिन्न देशों की संप्रभुता पर किए जा रहे कथित हमलों के विरोध में इंदौर में अनेक वामपंथी और लोकतांत्रिक संगठनों ने संयुक्त रूप से प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन कमिश्नर कार्यालय के सामने महात्मा गांधी मार्ग पर आयोजित किया गया, जहां राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

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अमेरिका के खिलाफ नारेबाजी

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने अमेरिकी नीतियों के खिलाफ जमकर नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अमेरिका अपनी तेल की भूख के चलते कई देशों में हिंसा और रक्तपात को बढ़ावा दे रहा है। प्रदर्शन स्थल पर लगाए गए पोस्टर और बैनर राहगीरों का ध्यान आकर्षित कर रहे थे, जिन पर लिखे संदेशों से लोग सहमति जताते नजर आए।

वेनेजुएला के राष्ट्रपति को अगवा करने का आरोप

ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि अमेरिका ने हाल ही में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस को उनके निवास से अगवा किया है। ज्ञापन में कहा गया कि अमेरिका द्वारा ड्रग्स तस्करी के जो आरोप लगाए गए हैं, वे अब तक प्रमाणित नहीं हो सके हैं और किसी भी स्थिति में अमेरिका को यह अधिकार नहीं है कि वह किसी संप्रभु देश के राष्ट्राध्यक्ष को जबरन गिरफ्तार करे।

अंतरराष्ट्रीय कानूनों के उल्लंघन का आरोप

ज्ञापन में कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय विवादों के समाधान के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ, अंतरराष्ट्रीय न्यायालय और अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय जैसी संस्थाएं मौजूद हैं। इसके बावजूद अमेरिका द्वारा की गई यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय नियमों और कानूनों का खुला उल्लंघन है।

अन्य देशों को दी जा रही धमकियों पर चिंता

ज्ञापन में यह भी कहा गया कि अमेरिकी नेतृत्व द्वारा उत्तर कोरिया, रूस, चीन, ईरान, क्यूबा, मैक्सिको, कोलंबिया सहित कई देशों को खुले तौर पर धमकियां दी जा रही हैं। इसी क्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा हाल ही में भारत को लेकर की गई टिप्पणी को भी अपमानजनक और अस्वीकार्य बताया गया।

वैश्विक युद्ध की ओर बढ़ती दुनिया

प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन में कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध और गाजा में जारी हिंसा के पीछे भी अमेरिकी नीतियों की भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता। आरोप लगाया गया कि अमेरिकी राष्ट्रपति का आक्रामक रवैया दुनिया को परमाणु युद्ध के कगार पर ले जा रहा है।

राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग

ज्ञापन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से आग्रह किया गया कि वे भारत सरकार को निर्देश दें कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति की टिप्पणियों का कड़ा जवाब दे और देश के स्वाभिमान की रक्षा करे। साथ ही वेनेजुएला के राष्ट्रपति और उनकी पत्नी की सम्मानपूर्वक रिहाई की मांग की गई।

वैश्विक एकता की अपील

ज्ञापन के अंत में कहा गया कि भारत सरकार को अमेरिकी नव-उपनिवेशवादी रवैये के खिलाफ वैश्विक स्तर पर अभियान चलाना चाहिए और विकासशील देशों के बीच एकता कायम करने की पहल करनी चाहिए, ताकि किसी भी देश की संप्रभुता पर हमला न हो।



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