मध्यप्रदेश के इंदौर सहित विभिन्न जिलों में आज से समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी का कार्य आधिकारिक रूप से प्रारंभ कर दिया गया है। इंदौर की लक्ष्मीबाई मंडी, छावनी मंडी और जंबूर्डी सहित आधा दर्जन से अधिक उपार्जन केंद्रों पर किसानों का उत्साहपूर्वक स्वागत किया गया। केंद्रों पर पहुंचे किसानों को तिलक लगाकर खरीदी प्रक्रिया की शुरुआत की गई। इस अवसर पर मंडियों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने समस्त व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया और किसानों से चर्चा की।

अधिकारियों ने देखी व्यवस्थाएं

गेहूं खरीदी की प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए मुख्यमंत्री निवास पर एक विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इस कंट्रोल रूम के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों में हो रही खरीदी पर सीधी निगरानी रखी जा रही है। इंदौर में सुबह 10 बजे से विभिन्न केंद्रों पर तौल का कार्य शुरू हुआ। कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्वयं केंद्रों का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। जिला आपूर्ति नियंत्रक एमएल मारू ने जानकारी दी कि जिले के 90 केंद्रों पर खरीदी की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और अब तक 1142 किसान अपना स्लॉट बुक कर चुके हैं।

कलेक्टर शिवम वर्मा ने मानपुर क्षेत्र के बहुउद्देशीय सेवा सहकारी संस्था बाबा महाकाल वेयर हाउस स्थित खरीदी केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां मौजूद अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों को केंद्र पर किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने पेयजल, छांव और बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा ताकि अपनी उपज लेकर आने वाले अन्नदाता को परेशानी न हो। प्रशासन का मुख्य लक्ष्य पारदर्शिता के साथ सुव्यवस्थित खरीदी संपन्न कराना है।

स्लॉट बुकिंग और खरीदी की समय सीमा

जिला आपूर्ति नियंत्रक एम.एल. मारू ने बताया कि किसानों की सुविधा के लिए स्लॉट बुकिंग की प्रक्रिया पहले ही शुरू की जा चुकी है। जिले में यह खरीदी अभियान 5 मई 2026 तक निरंतर जारी रहेगा। पंजीकृत किसान अपनी सुविधा के अनुसार एमपी ऑनलाइन, सीएससी केंद्र या स्वयं पोर्टल के माध्यम से घर बैठे अपनी उपज बेचने की तिथि और केंद्र का चयन कर सकते हैं। प्रशासन ने किसानों से अनुरोध किया है कि वे आवंटित तिथि पर ही केंद्र पर पहुंचें ताकि व्यवस्थाएं बनी रहें और उन्हें लंबा इंतजार न करना पड़े।

छावनी मंडी में किसानों का आक्रोश

आज की खरीदी से पहले बुधवार को छावनी मंडी में तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली। लसूड़िया के एक किसान दिलीप सिंह पवार ने समर्थन मूल्य से कम दाम मिलने पर विरोध स्वरूप अपने गेहूं से भरी ट्राली मंडी के मुख्य गेट पर ही पलट दी। किसान का आरोप था कि सुबह की नीलामी में 2300 रुपए का भाव मिला, जबकि दोबारा नीलामी में भाव गिरकर 2245 रुपए प्रति क्विंटल रह गया। सरकार द्वारा तय समर्थन मूल्य 2625 रुपए से काफी कम दाम मिलने पर किसान भड़क गए और करीब 3 घंटे तक हंगामा चलता रहा। मंडी अधिकारियों की समझाइश के बाद मामला शांत हुआ।



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