इंदौर नगर निगम की विशेष टीमों के माध्यम से अब शहर की जल प्रदाय टंकियों की सफाई का सघन अभियान प्रारंभ कर दिया गया है। जन स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए पहले चरण में शहर की ऐसी पांच प्रमुख टंकियों को चिन्हित किया गया जहां निगम के कर्मचारियों ने स्वयं भीतर उतरकर सफाई कार्य को अंजाम दिया। इन टंकियों के तल में लंबे समय से जमा काई, गाद और अन्य गंदगी को पूरी तरह से हटा दिया गया है। निगम प्रशासन का लक्ष्य है कि शहर की सभी टंकियों को चरणबद्ध तरीके से स्वच्छ किया जाए ताकि नागरिकों तक पहुंचने वाला पानी शुद्ध हो। सफाई अभियान के साथ-साथ पिछले तीन-चार दिनों के भीतर 174 विभिन्न स्थानों पर पेयजल के क्लोरीनेशन की सघन जांच भी की गई है।
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निगमायुक्त के निर्देश पर धरातल पर उतरी टीमें
नगर निगमायुक्त क्षितिज सिंघल द्वारा जारी किए गए कड़े निर्देशों के बाद निगम के तमाम आला अधिकारी अब अलग-अलग क्षेत्रों में जल प्रदाय व्यवस्था की सीधी मानिटरिंग कर रहे हैं। अधिकारियों का मुख्य फोकस पेयजल से जुड़ी समस्याओं का तत्काल निराकरण करना और जल संग्रहण केंद्रों की स्वच्छता सुनिश्चित करना है। इसी रणनीति के तहत स्कीम नंबर 140, एमआईजी क्षेत्र, रेडियो कॉलोनी, दौलतगंज उर्दू स्कूल और एमवाय अस्पताल परिसर जैसी महत्वपूर्ण जगहों पर स्थित पानी की टंकियों की सफाई का काम युद्धस्तर पर शुरू किया गया। निगम प्रशासन का मानना है कि इस प्रक्रिया से न केवल पानी की गुणवत्ता में सुधार होगा बल्कि जलजनित बीमारियों के खतरे को भी कम किया जा सकेगा।
आंतरिक दीवारों और भंडारण क्षेत्र की गहन सफाई
निगम अधिकारियों द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार टीमों ने टंकियों की केवल ऊपरी सफाई नहीं की है बल्कि उनकी आंतरिक दीवारों और जल भंडारण क्षेत्र के प्रत्येक कोने को स्वच्छ किया है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि भंडारण क्षेत्र में किसी भी प्रकार का संक्रमण न फैले। इस अभियान को आने वाले दिनों में शहर की अन्य सभी छोटी-बड़ी टंकियों तक विस्तारित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त अफसरों की टीमें उन परिसरों में भी पानी की शुद्धता की जांच कर रही हैं जहां से जलापूर्ति की जाती है। अब तक की गई 174 जांचों के माध्यम से पानी में क्लोरीन की मात्रा का सही संतुलन बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।
गंदे पानी की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई
शहर के विभिन्न हिस्सों से गंदे पानी की आपूर्ति को लेकर मिल रही शिकायतों को देखते हुए सुबह के समय अधिकारियों की विशेष टीमें सक्रिय रहती हैं। ये टीमें अलग-अलग वार्डों में पहुंचकर जल प्रदाय की वास्तविक स्थिति का जायजा ले रही हैं और स्थानीय निवासियों की शिकायतों का मौके पर ही निपटारा कर रही हैं। जिन क्षेत्रों में दूषित जल की समस्या अधिक है वहां की पाइप लाइनों की सघन चेकिंग की जा रही है ताकि लीकेज या गंदे पानी के मिलने के स्रोतों का पता लगाकर उन्हें स्थाई रूप से बंद किया जा सके। निगम की यह कवायद शहर में बेहतर जल प्रबंधन और वितरण प्रणाली स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
