इंदौर के खजराना थाना क्षेत्र में हुई चोरी की एक सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने दो शातिर युवकों को हिरासत में लिया है। जांच के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि इस पूरी साजिश में मुख्य आरोपी की सगी बहन भी शामिल थी। पुलिस को चकमा देने के लिए महिला आरोपी खुद फरियादी के साथ थाने पहुंची थी ताकि उसकी भूमिका पर किसी को संदेह न हो सके।

होटल के बाहर खड़ी कार को बनाया निशाना

पुलिस द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार यह घटना 24 फरवरी 2026 की रात की है। फरियादी विशाल, जो छोटा बांगड़दा के निवासी हैं, उन्होंने अपनी कार दर्शनी होटल राधिका पैलेस के समीप खड़ी की थी। देर रात स्कूटी पर सवार होकर आए दो बदमाशों ने कार का कांच तोड़ दिया और वाहन के भीतर रखी नकद राशि लेकर फरार हो गए। मामले की औपचारिक शिकायत 27 फरवरी को दर्ज कराई गई जिसके बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर पड़ताल शुरू की।

सीसीटीवी फुटेज से हुआ आरोपियों का खुलासा

थाना प्रभारी मनोज सेंधव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल दो विशेष टीमों का गठन किया। पुलिस टीम ने घटनास्थल और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपियों की लोकेशन स्टार चौराहे के पास स्कीम नंबर-134 में ट्रैक की गई। पुलिस ने घेराबंदी करते हुए सदर बाजार निवासी 22 वर्षीय ध्रुव गौड़ और रावजी बाजार निवासी 18 वर्षीय बबलू राजपूत को दबोच लिया। सघन पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है।

शौक पूरा करने के लिए रची गई साजिश

पकड़े गए आरोपियों ने खुलासा किया कि वे कम समय में अधिक पैसा कमाना चाहते थे और अपने महंगे शौक पूरे करने के लिए उन्होंने इस वारदात को अंजाम दिया। इस पूरी योजना में ध्रुव की बहन दिव्यांशी की सक्रिय भूमिका रही। दिव्यांशी ने ही मास्टरमाइंड की तरह काम किया और पुलिस की नजरों से बचने के लिए वह खुद पीड़ित के साथ रिपोर्ट लिखवाने थाने गई थी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 2 लाख 15 हजार रुपए की नकदी, डेढ़ लाख रुपए का आईफोन और वारदात में इस्तेमाल की गई स्कूटी बरामद कर ली है।



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