इंदौर के ब्रजेश्वरी एनएक्स इलाके में गुरुवार को दिल दहला देने वाला अग्निकांड हो गया। इसमें एक ही परिवार के आठ लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि चार लोगों को पड़ोसियों की सूझबूझ और साहसिक प्रयासों ने नई जिंदगी दे दी। घटना के समय बंगले में कुल 12 लोग मौजूद थे। आग इतनी तेजी से फैली कि संभलने का मौका ही नहीं मिला और देखते ही देखते घर आग की लपटों में घिर गया।

इस भयावह हादसे के बीच पड़ोस में रहने वाले जैन परिवार के तीन भाइयों ने मानवता की मिसाल पेश की। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना मनोज पुगलिया की पत्नी और तीन बेटों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। आग लगते ही तीनों भाइयों ने हिम्मत और समझदारी से काम लेते हुए पहली मंजिल तक पहुंचने का रास्ता तैयार किया। घर की एक छोटी सी सीढ़ी दीवार के सहारे लगाई गई, लेकिन उसकी ऊंचाई सात फीट थी, जबकि चारों दस फीट से ज्यादा की ऊंचाई पर थे। ऐसे में महेंद्र जैन बच्चों की पढ़ाई की टेबल लेकर आए और उसके ऊपर सीढ़ी रखकर ऊंचाई बढ़ाई।

इसके बाद सबसे बड़ी बाधा गैलरी में लगी लोहे की जाली बनी हुई थी। महेंद्र जैन और उनके भाई भरत जैन अपने घर की पहली मंजिल पर पहुंचे और रस्सी बांधकर जाली को खींचना शुरू किया। किस्मत से जाली की एक वेल्डिंग कमजोर थी, जो जोर लगाने पर उखड़ गई। इसके साथ ही अंदर फंसे चार लोगों के जिंदा बचने की उम्मीद और मजबूत हो गई। सबसे पहले मां को सीढ़ी के सहारे नीचे उतारा गया, इसके बाद तीनों बेटे बारी-बारी से सुरक्षित बाहर आए।

ये भी पढ़ें- इंदौर को लगा ग्रहण: कभी अग्नि तो कभी सड़क हादसे ले रहे जान, फिर सौम्या मोटर्स जैसे अग्निकांड से दहला शहर

 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed