इंदौर के श्रमिक क्षेत्र में एक और सिविल अस्पताल की सौगात जनता को मिलने जा रही है। पांच मंजिला अस्पताल इसी माह जनता के लिए खोला जाएगा। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने  अफसरों से कहा है कि पहले अस्पताल में ओपीडी सेवा शुरू करें, स्टाफ नियुक्त करें, उसके बाद उद्घाटन करने आऊंगा। इसे लेकर उन्होंने क्षेत्रीय विधायक रमेश मेंदोला से भी चर्चा की है।

 

66 साल पुरानी कॉलोनी नंदानगर में आठ करोड़ की लागत से सिविल अस्पताल तीन माह पहले ही तैयार हो चुका है। इस माह अस्पताल का लोकार्पण होगा। पहले यह अस्पताल प्रसूति अस्पताल था, लेकिन अब पचास बेड के इस अस्पताल में ऑपरेशन भी हो सकेंगे और जांचों की सुविधा भी रहेगी। इस सिविल हॉस्पिटल में ऑक्सीजन पाइप लाइन के अलावा मेडिकल जांच और इलाज से संबंधित सारे संसाधन जुटा लिए गए हैं। डेढ़ माह पहले सफाई और नर्सिंग स्टाफ भी रख दिया गया है।

 

नंदानगर के इस नए अस्पताल में वह सारी सुविधाएं होंगी जो 50 बेड के सिविल हॉस्पिटल में होती हैं। ऑपरेशन थिएटर और पैथोलॉजी लैब के अलावा आईसीयू बेड भी रहेंगे। अस्पताल में पुरुष और महिला के अलावा बच्चों के अलग-अलग वार्ड होंगे। इस सिविल हॉस्पिटल का वर्चुअली भूमिपूजन पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 28 मई 2022 को किया था।

 

इंदौर की पहली श्रमिक कॉलोनी नंदानगर 66 साल से भी ज्यादा पुरानी है। कॉलोनी का लोकार्पण तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने किया था। तब यहां पर अस्पताल, श्रमिक विद्यापीठ और स्कूल भी बनाए गए थे। उस वक्त प्रसूति अस्पताल भी बना था। पुरानी बिल्डिंग काफी खराब हो चुकी थी, उसे तोड़कर स्वास्थ्य विभाग ने नई बिल्डिंग बनाई और अस्पताल की सुविधाएं भी बढ़ाईं।



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