इंदौर में मंगलवार को वित्तीय वर्ष का अंतिम दिन था और सरकारी विभागों के खजानों में देर रात तक धन वर्षा होती रही। सबसे ज्यादा असर शहर के पंजीयन कार्यालयों में देखा गया। 1 अप्रैल से शहर में नई प्रॉपर्टी गाइडलाइन लागू होगी। नई गाइडलाइन के हिसाब से स्टांप ड्यूटी भी बढ़ जाएगी। इससे बचने के लिए लोगों ने 31 मार्च को अपनी संपत्तियों की रजिस्ट्री कराई।

 

पंजीयन विभाग ने इसके लिए मुख्य कार्यालय व क्षेत्रीय पंजीयन कार्यालयों पर व्यवस्था कर रखी थी। साल के अंतिम दिन स्टांप ड्यूटी की बिक्री से करोड़ों रुपये का राजस्व जमा हुआ। प्रदेश में सबसे ज्यादा रजिस्ट्री इंदौर में हुई। इसके अलावा नगर निगम के मुख्यालय के कैश काउंटरों व जोनल कार्यालयों पर भी लोग साल के अंतिम दिन संपत्तिकर जमा करते हुए नजर आए। 1 अप्रैल से कई शहरों में नए रेट जोन के हिसाब से संपत्तिकर की गणना होगी।

नगर निगम ने बकाया संपत्तिकर धारकों के लिए छूट भी दे रखी है। इसका कई लोगों ने फायदा उठाया। निगम मुख्यालय के अलावा जोनल कार्यालयों पर जाकर भी लोगों ने टैक्स जमा कराया। इसके अलावा इंदौर विकास प्राधिकरण, आयकर विभाग में भी साल के अंतिम दिन लोगों ने टैक्स व बकाया राशि जमा कराई है।

1 अप्रैल से ढाई हजार से ज्यादा इलाकों में बढ़ेंगे प्रॉपर्टी के दाम

इंदौर में 1 अप्रैल से ढाई हजार से ज्यादा लोकेशनों पर कलेक्टर गाइडलाइन के हिसाब से सौदे होंगे। जिला मूल्यांकन समिति की बैठक में इस वृद्धि को मंजूरी दी गई। शहर की 270 नई कॉलोनियों को कलेक्टर गाइडलाइन में शामिल किया गया है। पहले कृषि भूमि के हिसाब से गांवों में सौदे होते थे, लेकिन अब वहां नई टाउनशिप विकसित हो चुकी है। अब वहां नई दरों के हिसाब से सौदे होंगे। इनमें सुपर कॉरिडोर, हातोद, इंदौर-उज्जैन रोड, खंडवा रोड के इलाके शामिल हैं।



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