इंदौर के एक स्कूल के कार्यक्रम में नैतिक शिक्षा और चरित्र निर्माण पर बात करते हुए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने एक ऐसा उदाहरण दिया, जिसकी चर्चा राजनीतिक हलकों में होने लगी है। वे बच्चों के चरित्र निर्माण को लेकर बात कर रहे थे और उन्होंने कहा कितनी भी शिक्षा नीति बना लो, लेकिन घर के अंदर वातावरण ऐसा है कि यदि पिता पीडब्ल्यूडी मिनिस्टर हो और कपड़े दिलाने ठेकेदार ले जाए तो फिर कैसा चरित्र निर्माण होगा।’

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विजयवर्गीय ने यह भी कहा कि ‘शाम को माता-पिता बच्चों के सामने पार्टी करेंगे तो बच्चा वही सीखेगा जो देखेगा। फिर हम चाहे जितने भी ज्ञान-चरित्र एकता की बात करें, कोई मतलब नहीं। मेरा मानना है कि स्कूली शिक्षा के साथ बच्चे के साथ माता-पिता का सिलेबस भी होना चाहिए।’

विजयवर्गीय ने कहा कि ‘दुनिया में कौन सा संगठन है जो राष्ट्रभक्त बनाने की बात करता है। हम इंजीनियर, डॉक्टर बनाने की बात करते हैं। हमारा बेटा चरित्रवान और राष्ट्रभक्त हो, यह चर्चा का विषय नहीं होता है।’

 

आपको बता दें कि मंत्री विजयवर्गीय पिछले दिनों दस दिन के अवकाश पर गए थे। पारिवारिक सदस्य के निधन का हवाला देकर उन्होंने छुट्टी पर जाने की वजह सोशल मीडिया पर बताई थी, हालांकि अब वे फिर से सार्वजनिक आयोजनों में नजर आने लगे हैं। गुरुवार को उन्होंने एलिवेटेड कॉरिडोर को लेकर एक बैठक भी ली थी।



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