इंदौर के एक निजी स्कूल के कार्यक्रम में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा दिए गए भाषण की चर्चा सियासी गलियारों में होने पर उन्होंने कहा कि उनके उदाहरण को व्यक्तिगत आरोप के रूप में प्रस्तुत किया गया, जबकि उन्होंने सामान्य उदाहरण दिया था। इसका उन्होंने लिखित खंडन भी जारी किया।
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मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि वे खुद पीडब्लूडी मंत्री रह चुके हैं। नैतिक सीख देने के उद्देश्य से उन्होंने दो उदाहरण दिए थे। पहला उदाहरण घर में बच्चों के सामने होने वाली माता-पिता की दोस्तों के साथ होने वाली पार्टियों को लेकर दिया गया था, जबकि दूसरा उदाहरण मंत्री के निकटजनों को मिलने वाले प्रलोभन और उससे बचने की आवश्यकता को लेकर दिया गया था। उनका वक्तव्य संस्कारों के महत्व पर केंद्रित था। उन्होंने कहा कि उनकी बातों को दूसरे संदर्भों में लिया जा रहा है। वे खुद पीडब्लूडी सहित कई विभागों के मंत्री रह चुके हैं।
मंत्री ने कहा कि वक्तव्य के दौरान उनके द्वारा उदाहरण सामान्य बात को समझाने और नैतिक सीख देने के उद्देश्य से दिए गए थे। उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष या किसी विभाग विशेष पर टिप्पणी करना नहीं था। उनके वक्तव्य की भावना को पूर्ण रूप से समझे बगैर उसे व्यक्तिगत आरोपों के रूप में प्रस्तुत किया गया। उन्होंने आग्रह किया कि उनके वक्तव्य को किसी अन्य अर्थ में न लिया जाए।
