इंदौर नगर निगम के बजट 2026 को लेकर आयोजित सम्मेलन करीब साढ़े तीन घंटे तक चला, लेकिन शहर के मूल मुद्दों पर अपेक्षित चर्चा नहीं हो सकी। पूरे सत्र के दौरान वंदे मातरम, गद्दार और भागीरथपुरा से जुड़े विवादों पर ही बहस केंद्रित रही। शोर-शराबे और लगातार हंगामे के बीच अंततः बजट को बहुमत के आधार पर मंजूरी दे दी गई। दूसरे दिन भी सदन में भागीरथपुरा का मुद्दा प्रमुख रूप से छाया रहा।

 

शहर के मुद्दों पर चर्चा नहीं होने का आरोप

नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे ने आरोप लगाया कि विपक्ष शहर से जुड़े मुद्दों पर सार्थक चर्चा करना चाहता था, लेकिन भाजपा परिषद ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन नहीं किया। उन्होंने कहा कि बेवजह के मुद्दे उठाकर सदन की कार्यवाही को बाधित किया गया, जिससे शहर की समस्याओं पर चर्चा नहीं हो पाई।

 

सुरक्षा के कड़े इंतजाम, गेट पर बाउंसर तैनात

मंगलवार को दर्शक दीर्घा में भागीरथपुरा के लोगों द्वारा किए गए हंगामे के बाद बुधवार को नगर निगम परिसर में सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई और गेट पर बाउंसर तैनात किए गए। इस बीच पार्षद राजू भदौरिया ने नगर निगम की जमीनों के स्वामित्व और उनकी स्थिति को लेकर सवाल उठाया।

 

‘गद्दार’ टिप्पणी से बढ़ा विवाद, माफी के बाद शांत हुआ माहौल

सदन में उस समय स्थिति और तनावपूर्ण हो गई जब कांग्रेस पार्षद राजू भदौरिया ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए पार्षदों को ‘गद्दार’ कह दिया। इसके बाद पार्षद योगेश गेंदर सहित कुछ भाजपा पार्षद सभापति के सामने धरने पर बैठ गए। सभापति मुन्नालाल यादव ने भदौरिया से खेद प्रकट करने को कहा, लेकिन पहले उन्होंने इनकार कर दिया। बाद में हंगामा बढ़ता देख भदौरिया ने माफी मांगी, जिसके बाद सदन की कार्यवाही फिर से शुरू हो सकी।

 

विभिन्न मुद्दों पर उठे सवाल और दिए गए जवाब

सत्र के दौरान कॉलोनियों के नियमितीकरण, नगर निगम की जमीनों की स्थिति, चंदन नगर मार्ग के चौड़ीकरण और हुकमचंद मिल के पेड़ों से जुड़े मुद्दे भी उठाए गए। पार्षदों ने अधिकारियों पर स्वीकृत फाइलों में देरी का आरोप लगाया। जवाब में संबंधित अधिकारियों ने कुछ फाइलों की मंजूरी और जल्द काम शुरू होने की जानकारी दी।

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भागीरथपुरा मुद्दे पर दोनों पक्ष आमने-सामने

सदन में भागीरथपुरा का मुद्दा लगातार गूंजता रहा। महापौर परिषद सदस्य राजेंद्र राठौर ने आरोप लगाया कि युवक कांग्रेस नेताओं ने दर्शक दीर्घा में हंगामा किया, जिसे उन्होंने अमर्यादित आचरण बताया। वहीं कांग्रेस पार्षदों का कहना था कि वहां पीड़ित परिवारों के लोग मौजूद थे, जिन्हें भाजपा पार्षदों ने गलत तरीके से गुंडा कहा और उनका अपमान किया।

 

प्रश्नोत्तरकाल पर भी विवाद, हंगामे में बजट पारित

भोजनावकाश के बाद कार्यवाही शुरू होने पर नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे ने प्रश्नोत्तरकाल का समय बढ़ाने की मांग की। इस पर भाजपा पार्षदों ने दर्शक दीर्घा में हुए हंगामे को लेकर उनसे माफी की मांग की। सभापति ने भी इस पर माफी की आवश्यकता जताई, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच लंबे समय तक हंगामा चलता रहा। अंततः इसी माहौल में बजट को बहुमत के आधार पर मंजूर कर दिया गया।

 



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