भागीरथपुरा में दूषित जल पीने से हुई 17 लोगों की मौत के बाद अब नगर निगम को शहर के उन इलाकों की भी चिंता सताने लगी है, जहां नलों में गंदा पानी आता है। लोग कई दिनों से परेशान हैं, लेकिन अफसर उनकी सुनवाई नहीं करते थे, लेकिन अब वार्डों में जाकर गंदे पानी के संगम खोज रहे हैं। कुछ पार्षदों ने तो गंदे पानी की शिकायत के लिए नगर निगम कंट्रोल रूम के नंबर भी वार्ड के रहवासियों के व्हाट्सएप ग्रुपों पर जारी किए हैं।

 

इंदौर में भागीरथपुरा में दूषित पानी के कारण डायरिया और हैजे के मरीज मिले हैं। इसके अलावा वहां 17 मौतें भी हो चुकी हैं, लेकिन गंदे पानी की समस्या शहर के कई इलाकों में है। ज्यादातर इलाकों में पहले पांच मिनट गंदा पानी आता है। उसे बहाने के बाद लाइनों में साफ पानी मिलता है।

इंदौर के गौरीनगर, बाणगंगा, कुम्हारखाड़ी का भट्टा, खजराना, अहिल्या पलटन, जूना कसेरा बाखल, मल्हारगंज, अन्नपूर्णा, चंदन नगर, बिजलपुर सहित डेढ़ सौ से ज्यादा कॉलोनियों में इसकी समस्या है। इनमें ज्यादातर अवैध कॉलोनियां हैं।

 

नर्मदा और ड्रेनेज लाइन साथ-साथ शहर के पुराने इलाकों में बैकलेन होती थी। नई कॉलोनियों में बैकलेन के लिए अब जगह नहीं छोड़ी जाती है। इंदौर विकास प्राधिकरण भी ड्रेनेज चैंबर अब सड़क किनारे ही रखता है।

शहर के पुराने इलाके सुदामा नगर, हरसिद्धि, नंदा नगर, परदेशीपुरा, ओल्ड पलासिया में पांच से आठ फुट चौड़ी बैकलेन होती थी, लेकिन पुराने इलाकों में नई लाइन डालने के समय उसे आगे कर दिया। नंदानगर में भी पहले नर्मदा लाइन बिछाई गई और उसके ऊपर ही ड्रेनेज लाइन बिछा दी गई। इस कॉलोनी में भी इस कारण गंदे पानी की समस्या है, जबकि यह नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का निवास स्थान है।

 

यहां करें गंदे पानी की शिकायत

गंदे पानी की शिकायत के लिए इंदौर वासी नगर निगम के कंट्रोल रुम नंबर 7440443500  और 744044511 या 07312535555 पर शिकायत दर्ज करा सकते है।



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