तीन साल से ज्यादा समय से चल रहे प्रवचनकार आसाराम के बेटे नारायण साईं के तलाक को लेकर लगाई गई याचिका में सुनवाई पूरी हो गई है। फैमिली कोर्ट जल्दी ही इस मामले में अपना फैसला सुनाएगी। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।
नारायण साईं की पत्नी जानकी इंदौर में रहती है। उन्होंने तलाक की अर्जी दाखिल करते हुए पांच करोड़ रुपये के स्थायी गुजारा भत्ता नारायण साईं से दिलवाने की मांग की है। बुधवार को कोर्ट में इस मामले पर अंतिम बहस पूरी हुई। अदालत ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया है।
इंदौर निवासी जानकी भी आश्रम की सेवादार थी। नारायण साईं ने करीब पंद्रह साल पहले उनके साथ विवाह किया था, लेकिन वह अपने साथ नहीं रखता था। जानकी ने वर्ष 2023 में तलाक की याचिका दायर इंदौर के कोर्ट में दायर की थी। उन्होंने कोर्ट के सामने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि नारायण साईं लंबे समय से जेल में बंद हैं। इसी वजह से वह उनसे अलग होना चाहती हैं।
तलाक के साथ ही उन्होंने अपने भविष्य के भरण पोषण के लिए पांच करोड़ रुपये की राशि दिलाने की गुहार लगाई है। इस सुनवाई को लेकर नारायण साईं कई बार इंदौर आ चुके है। नारायण भी फिलहाल दूसरे केस में जेल में सजा काट रहे है। नारायण के पिता आसाराम भी एक किशोरी से दुष्कर्म के मामले में जोधपुर जेल में बंद है। पिछले दिनों वे जमानत पर इंदौर में इलाज कराने आए थे।
