इंदौर के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में तेंदुए की आवाजाही और हमलों के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ताजा मामला सुल्लाखेड़ी गांव का है। यहां रहने वाले अर्जुन पिता मांगीलाल शुक्रवार सुबह 9 बजे अपने खेत में गुलाब के फूल तोड़ रहे थे। तभी अचानक तेंदुए ने हमला कर दिया, जिसमें अर्जुन के एक हाथ और चेहरे पर नाखूनों के निशान लग गए।

अर्जुन ने जोर-जोर से मदद के लिए चिल्लाना शुरू कर दिया। इस बीच खेत में काम कर रहे परिवार के लोग और आसपास के खेतों के किसान उसे बचाने पहुंचे। यह देख तेंदुआ भाग गया। इसके बाद किसान प्रहलाद रघुवंशी अर्जुन को उपचार के लिए एमवाय अस्पताल लाए, जहां उसे भर्ती किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पहले भी तेंदुआ देखा जा चुका है। इससे पहले इंदौर बायपास की एक टाउनशिप में भी तेंदुआ देखा गया था।

इंदौर के एमवाय अस्पताल में खरगोन से एक युवक को सर्जरी के लिए लाया गया। काम के दौरान उसके गले में 12 एमएम का सरिया घुस गया था और वह गले के आर-पार हो गया था। सरिया मस्तिष्क और ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली नस के बेहद करीब घुसा था।

एमवाय अस्पताल के डॉक्टरों ने तीन घंटे की सर्जरी कर 30 वर्षीय सद्दाम की जान बचा ली। सर्जरी इसलिए काफी जटिल थी कि यदि ऑपरेशन के दौरान किसी भी हिस्से को नुकसान पहुंचता तो मरीज लकवे का शिकार हो सकता था, लेकिन सावधानीपूर्वक सरिया निकाल लिया गया। अब मरीज की हालत खतरे से बाहर है।

 



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