इंदौर के समीप महू के केवटी गांव में एक खूंखार कुत्ते ने कुर्सी पर बैठे चार दोस्तों पर हमला कर दिया। युवकों ने जैसे-तैसे कुत्ते का सामना किया, लेकिन एक युवक के पैरों में कुत्ते ने काट लिया, जबकि तीन अन्य भी घायल हो गए। कुत्ते ने पहले छलांग लगाकर एक युवक की गर्दन पर हमला करने की कोशिश की थी।ग्रामीणों का कहना है कि गांव में कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है और उनके हमलों के मामले भी बढ़ते जा रहे हैं।
जब कुत्ते ने हमला किया, तो एक युवक ने बचाव में कुर्सी उठाकर उस पर वार करने की कोशिश की, लेकिन कुत्ता नहीं भागा। उल्टा उसने युवक के पैर में दांत गड़ा दिए। वार करते-करते कुर्सी टूट गई और युवक असंतुलित होकर गिर पड़ा, लेकिन कुत्ते ने चारों का पीछा नहीं छोड़ा और उन्हें घायल कर दिया।
चारों युवकों को उपचार के लिए गांव के अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें रेबीज के इंजेक्शन लगाए गए। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों में तेंदुओं का डर पहले से बना हुआ है और अब गांव में कुत्ते भी खूंखार होते जा रहे हैं। कई परिवार अपने बच्चों को अकेले बाहर भेजने से डरते हैं।
महू तहसील में पिछले छह महीनों में 500 से अधिक डॉग बाइट के मामले सामने आए हैं। गांव में न तो कुत्तों को पकड़ने की कोई व्यवस्था है और न ही उनकी नसबंदी की जा रही है, जिससे उनकी संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
कुत्ते हमलावर क्यों हो जाते हैं
कुत्ते कई कारणों से हमला कर सकते हैं। भूखे होने पर वे अधिक आक्रामक हो जाते हैं। कई बार वे डर के कारण भी हमला कर देते हैं। खासकर छोटे बच्चों को वे ज्यादा निशाना बनाते हैं, क्योंकि उनकी ऊंचाई कम होने के कारण कुत्तों को वे आसान शिकार लगते हैं। इसके अलावा तेज हॉर्न या पटाखों की आवाज से घबराकर भी कुत्ते आक्रामक हो सकते हैं और काटने दौड़ पड़ते हैं।
