ईरान पर हुए हमले में खोमेनेई सहित मारे गए शिया मुस्लिमों को लेकर इंदौर में शोक मातम हुआ। इंदौर की कागदीपुरा में मुस्लिम समाज के लोग एकत्र हुए। इनमें ज्यादातर युवक थे। वे काले लिबास में आए थे। मस्जिद के बाहर खोमेनेई के दस से ज्यादा पोस्टर लगे हुए थे। उन्होंने मातम प्रदर्शन किया और नारे भी लगाए। मस्जिद के बाहर शोक प्रदर्शन की जानकारी मिलने के बाद कागदीपुरा में पुलिस बल भी तैनात हो गया था। रात दस बजे तक शोक प्रदर्शन हुए और नारेबाजी कर शिया समुदाय ने विरोध जताया।
ईरान पर हुए अमेरिका और इजराई के हमले के कारण वहां के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई सहित कई शिया मुस्लिमों की मौत की खबर के बाद इंदौर के मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में शोक प्रदर्शन हुए। शहर के कागदीपुरा इलाके में बड़ी संख्या में शिया समुदाय के लोग जमा हुए और अपना विरोध दर्ज कराया। समाज के लोगों ने मातम मनाकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और नारेबाजी कर विरोध भी दर्ज कराया।
प्रदर्शन में शामिल होने आए ज्यादातर लोग काले कपड़ों में पहुंचे थे। युवाओं की तादाद काफी अधिक थी, जो हाथों में बैनर और पोस्टर थामे हुए थे। मस्जिद के बाहर खोमेनेई के करीब दस से ज्यादा बड़े पोस्टर लगाए गए थे, जो वहां के घटनाक्रम के प्रति समुदाय की एकजुटता को दर्शा रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने मस्जिद के बाहर जमा होकर न केवल मातम किया, बल्कि नारेबाजी कर अपना कड़ा विरोध भी जताया।
क्षेत्र में हुए प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क नजर आया। जैसे ही मस्जिद के बाहर भारी भीड़ जुटने और शोक प्रदर्शन की सूचना मिली, कागदीपुरा में तुरंत पुलिस बल तैनात कर दिया गया। पुलिस के आला अधिकारी मौके पर स्थिति पर नजर बनाए रहे ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।
शिया समुदाय का यह विरोध प्रदर्शन देर रात करीब दस बजे तक चलता रहा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रही इन हिंसात्मक घटनाओं के प्रति अपना आक्रोश प्रकट किया। स्थानीय लोगों का कहना था कि वे इस हमले से बेहद दुखी हैं और मारे गए लोगों के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए यहां एकत्र हुए हैं।
