इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी के कारण पंद्रह निर्दोष नागरिकों की हुई मौत के खिलाफ नगर निगम कार्यालय के बाहर युवा कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के साथ ही युवा कांग्रेस ने इस घटना के लिए जिम्मेदार अफसरों पर तुरंत मामला दर्ज करने की मांग की हैं।
पदाधिकारियों का कहना है कि भागीरथपुरा में कोई हादसा नहीं हुआ, यह लापरवाही भाजपा सरकार के कुशासन, संवेदनहीन प्रशासन और बेलगाम भ्रष्टाचार का नतीजा है। कार्यकर्ता इस आंदोलन के लिए एक घंटा भी लेकर गए थे। जिसे पुलिस जवानों ने प्रदर्शन के दौरान छिन लिया।
युवा कांग्रेस अध्यक्ष अमित पटेल ने कहा कि कई दिनों से अधिकारियों को रहवासी गंदे पानी की शिकायत कर रहे थे, लेकिन उन्होंने मामले की गंभीरता नहीं समझी। इंदौर जैसे साफ शहर पर यह हादसा बदनुमा दाग है।
प्रदर्शन के दौरान कार्यालय के सामने कार्यकर्ता घंटा बजाने लगे तो पुलिस ने उसे जब्त कर वाहन में रख दिया। इसके बाद कुछ पदाधिकारियों को भी पकड़ कर वाहन में बैठाने की कोशिश की। कार्यकर्ता नारेबाजी कर आक्रोश जाहिर करते रहे। इसके बाद आंदोलन समाप्त हो गया। प्रदर्शन के दौरान महक नागर की भी पुलिस जवानों से हुज्जत हुई।
